
Bihar Election News: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। चौधरी ने सवाल उठाया कि अगर प्रशांत किशोर ने शांभवी चौधरी के लिए सांसद का टिकट खरीदा, तो फिर वह चिराग पासवान को कैसे अच्छा नेता बता सकते हैं? यह बयान बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह जेडीयू और प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
अशोक चौधरी का प्रशांत किशोर पर तंज
अशोक चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पहले शांभवी चौधरी के लिए टिकट खरीदने की बात करते हैं, और अब चिराग पासवान की तारीफ कर रहे हैं। चौधरी ने तंज कसते हुए पूछा- यह कैसी राजनीति है? एक तरफ टिकट खरीदने का आरोप लगाते हैं, दूसरी तरफ चिराग को अच्छा नेता बताते हैं। प्रशांत किशोर को अपनी बात स्पष्ट करनी चाहिए।
प्रशांत किशोर का क्या है रुख?
प्रशांत किशोर ने हाल ही में चिराग पासवान की तारीफ की थी और उन्हें बिहार का उभरता हुआ नेता बताया था। हालांकि, शांभवी चौधरी के टिकट को लेकर उनके द्वारा लगाए गए आरोपों ने सियासी हलकों में तूफान खड़ा कर दिया था। किशोर ने दावा किया था कि शांभवी को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से टिकट दिलाने के लिए पैसे का लेन-देन हुआ। इस बयान पर चिराग पासवान ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी।
बिहार की सियासत में क्यों मचा बवाल?
यह पूरा विवाद बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल को गर्माने वाला है। जेडीयू और जन सुराज के बीच यह बयानबाजी दोनों दलों के बीच की कटुता को उजागर करती है। अशोक चौधरी का यह बयान न केवल प्रशांत किशोर को जवाब देने की कोशिश है, बल्कि जेडीयू की मजबूत स्थिति को भी दर्शाने का प्रयास है।
जनता पर क्या होगा असर?
बिहार की जनता, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में रहने वाले लोग, इस तरह के बयानों को गंभीरता से लेते हैं। चौधरी का यह बयान उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश है, जो आसान भाषा में राजनीतिक खबरें समझना चाहते हैं। यह बयान न केवल सियासी चर्चा को बढ़ावा देगा, बल्कि मतदाताओं के बीच जेडीयू की छवि को मजबूत करने का भी प्रयास है।