Bihar Election News: जेडीयू ने शुरू किया विशेष अभियान, छूटे मतदाताओं का नाम जोड़ेगी
जेडीयू का विशेष अभियान, बिहार में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ेगी, युवा-महिलाओं पर फोकस

Bihar Election News: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने उन लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिनका नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं हो पाया है। पार्टी ने इसके लिए एक खास टीम बनाई है, जो पूरे बिहार में चार दिन तक यह अभियान चलाएगी। इस कदम से जेडीयू का मकसद है कि हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में हो और वे वोट डाल सकें।
चार दिन का विशेष अभियान
जेडीयू ने 4 अगस्त 2025 से शुरू होने वाले इस अभियान के लिए पूरे राज्य में अपनी टीमें तैनात की हैं। ये टीमें गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर लोगों से मिलेंगी और जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें फॉर्म भरने में मदद करेंगी। खास तौर पर युवाओं, महिलाओं और उन लोगों पर ध्यान दिया जाएगा, जो पहली बार वोट डालने के लिए पात्र हैं। पार्टी का कहना है कि यह अभियान बिहार के हर जिले में एक साथ चलेगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
बिहार में हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कई लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 65 लाख नाम हटाए गए, जिनमें से कुछ लोग मृतक थे, कुछ दूसरी जगह चले गए, और कुछ के नाम दो जगह दर्ज थे। जेडीयू का कहना है कि इस प्रक्रिया में कुछ पात्र लोगों के नाम भी गलती से हट गए हो सकते हैं। इसलिए, पार्टी ने यह जिम्मेदारी ली है कि ऐसे लोगों का नाम फिर से जोड़ा जाए।
Bihar Election News: युवा और महिलाओं पर विशेष ध्यान
जेडीयू ने इस अभियान में युवा वोटरों और महिलाओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। पार्टी के एक नेता ने कहा, “हम चाहते हैं कि बिहार का हर युवा और महिला वोट डाले और लोकतंत्र को मजबूत करे।” इसके लिए जेडीयू की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और पंचायतों में जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। साथ ही, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से फॉर्म जमा करने की सुविधा दी जाएगी।
बिहार में लोकतंत्र की जीत
जेडीयू का यह अभियान न केवल मतदाता सूची को मजबूत करेगा, बल्कि बिहार के लोगों में लोकतंत्र के प्रति भरोसा भी बढ़ाएगा। पार्टी का कहना है कि यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। ग्रामीणों का मानना है कि इस अभियान से उनकी आवाज और मजबूत होगी। यह अभियान 7 अगस्त 2025 तक चलेगा, और इसके बाद जेडीयू परिणामों की समीक्षा करेगी।