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Jharkhand Weather Update: मानसून की विदाई से पहले आज भी बरसेंगे बादल, जानें कब से दस्तक देगी ठंड

Jharkhand Weather Update: झारखंड में मानसून अपने अंतिम चरण में है, लेकिन इसकी विदाई से ठीक पहले राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज यानी 9 अक्टूबर को भी राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, 10 अक्टूबर के बाद मौसम साफ होने लगेगा और 11 अक्टूबर से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसके साथ ही राज्य में गुलाबी ठंड की दस्तक भी होगी।

Jharkhand Weather Update: आज इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में बारिश की प्रबल संभावना है। इसमें राजधानी रांची, जमशेदपुर, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले शामिल हैं। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहेगा।

कब विदा होगा मानसून?

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया 11 अक्टूबर से शुरू होने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर तक राज्य में छिटपुट बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन इसके बाद मौसम शुष्क होना शुरू हो जाएगा। मानसून की विदाई के साथ ही मौसम के पैटर्न में एक स्पष्ट बदलाव देखने को मिलेगा।

गुलाबी ठंड देगी दस्तक

मानसून की वापसी का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा। 11 अक्टूबर के बाद से राज्य के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक घुलने लगेगी, जबकि दिन में मौसम सुहावना बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार ठंड की शुरुआत समय पर हो रही है, जो आगामी रबी फसलों के लिए एक अच्छा संकेत है।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने 10 अक्टूबर तक बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी पकी हुई धान की फसल को पानी से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें और खेतों में जल-जमाव को रोकने की व्यवस्था करें। 11 अक्टूबर के बाद मौसम शुष्क होने पर वे धान की कटाई का काम तेजी से शुरू कर सकते हैं और रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुट सकते हैं।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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