Bihar News: बिहार सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ऐलान किया है कि 2030 तक बिहार में 30 लाख नए LPG कनेक्शन दिए जाएंगे। यह कदम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होगा, जिसका लक्ष्य ग्रामीण और गरीब परिवारों की रसोई को धुआं-मुक्त करना है। इस योजना से महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और खाना पकाने में आसानी होगी।
गांवों में रसोई गैस की पहुंच बढ़ेगी
बिहार के गांवों में आज भी कई परिवार लकड़ी, कोयला और उपले जलाकर खाना बनाते हैं। इससे निकलने वाला धुआं महिलाओं और बच्चों के लिए हानिकारक है। नए LPG कनेक्शन से ग्रामीण महिलाएं धुएं से मुक्त होंगी और उनका समय भी बचेगा। सरकार का खास ध्यान उन इलाकों पर है जहां अभी तक गैस की सुविधा नहीं पहुंची है। बिहार में अब तक 85 लाख परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन मिल चुके हैं, और अब बाकी बचे परिवारों को जोड़ा जाएगा।
महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, लकड़ी और उपले के धुएं से सांस, फेफड़े और आंखों की बीमारियां बढ़ती हैं। LPG के इस्तेमाल से इन समस्याओं में कमी आएगी। इससे घर का माहौल साफ रहेगा और बच्चों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित होगा। बिहार सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके जीवन को आसान करने में मदद करेगी।
Bihar News: कनेक्शन लेने की आसान प्रक्रिया
LPG कनेक्शन लेने के लिए सरकार ने प्रक्रिया को बहुत आसान रखा है। इसके लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता और निवास प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज चाहिए। बीपीएल और कमजोर आय वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कई परिवारों को मुफ्त कनेक्शन और पहला सिलेंडर मुफ्त मिलेगा। आवेदन ऑनलाइन या नजदीकी LPG केंद्र पर जमा किए जा सकते हैं।
सिलेंडर आपूर्ति में नहीं होगी कमी
बिहार सरकार LPG सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी गंभीर है। राज्य में बॉटलिंग प्लांट की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी बिहार में हर दिन 80,000 सिलेंडर भरने की क्षमता है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी नए कनेक्शन धारकों को समय पर सिलेंडर मिले। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की कमी नहीं होगी।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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