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Giridih Railway News: Giridih में रेलवे ट्रैक के किनारे 20 फीट गहरा गड्ढा! बड़े हादसे की आहट, News Media Kiran की ग्राउंड रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Giridih Railway News|News Media Kiran: झारखंड के गिरिडीह जिले में रेलवे ट्रैक के ठीक बगल में एक ऐसी लापरवाही सामने आई है जो किसी भी समय बड़े रेल हादसे की शक्ल ले सकती है। News Media Kiran की टीम ने मौके पर पहुंचकर जो तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए, वे देखकर किसी भी आम नागरिक के होश उड़ जाएं। रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से 15 से 20 फीट गहरा विशाल गड्ढा खोद दिया गया है। यह गड्ढा ट्रैक से महज 10-15 फीट की दूरी पर है और बारिश के पानी व शहर के नाले के पानी से भरा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां सिंघाड़ा यानी पानी फल की खेती भी शुरू कर दी गई है। कोयला ढोने वाले इस महत्वपूर्ण रूट पर ट्रैक धंसने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। News Media Kiran आपको इस पूरे मामले की पूरी सच्चाई बता रहा है।

गिरिडीह रेलवे ट्रैक के किनारे इतना गहरा गड्ढा कैसे बन गया?

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले रेलवे लाइन के किनारे रेलवे की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। पहले जेसीबी मशीन से बड़ी मात्रा में मिट्टी निकाली गई और उसे बेचा गया। इसके बाद उसी जगह पर तालाब जैसा गहरा गड्ढा बना दिया गया। अब उस गड्ढे में पानी भरकर सिंघाड़ा की खेती की जा रही है। वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि ट्रैक की नींव के ठीक बगल में मिट्टी का विशाल गड्ढा है। बारिश के मौसम में पानी और बढ़ जाता है, जिससे मिट्टी खिसकने का खतरा और ज्यादा हो जाता है। नियमानुसार रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ 150 फीट तक की जमीन रेलवे की होती है और वहां किसी भी प्रकार की खुदाई या निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। लेकिन यहां नियमों को खुलेआम ताक पर रख दिया गया है। News Media Kiran की टीम ने मौके पर ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि यह काम एक दिन का नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा है।

कोयला रूट पर मंडरा रहा खतरा कितना गंभीर है?

यह रेलवे ट्रैक सिर्फ यात्री ट्रेनों का नहीं बल्कि गिरिडीह से निकलने वाले कोयले का मुख्य मार्ग है। रोजाना हजारों टन कोयला इसी लाइन से देश के विभिन्न पावर प्लांटों में पहुंचाया जाता है। ट्रैक के नीचे से मिट्टी खिसकने की वजह से पहले ही इस रूट पर ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि अगर गड्ढे की तरफ से मिट्टी और खिसकी तो ट्रैक धंस सकता है। ऐसी स्थिति में किसी भी मालगाड़ी या पैसेंजर ट्रेन का हादसा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गड्ढे की गहराई 20 फीट तक पहुंच चुकी है और पानी भरा होने से मिट्टी की पकड़ और कमजोर हो गई है। रेलवे विभाग अगर अभी भी बेखबर रहा तो जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी। Giridih Railway News में यह मामला अब बड़े स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।

रेलवे और GRP की मिलीभगत का आरोप क्यों लग रहा है?

स्थानीय लोगों का साफ आरोप है कि बिना रेलवे कर्मचारियों और GRP की मिलीभगत के इतना बड़ा अवैध काम संभव ही नहीं था। गांव जाने वाली पगडंडी को भी तोड़ दिया गया है जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। News Media Kiran से बात करते हुए एक ग्रामीण ने कहा, “हम बार-बार शिकायत करते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। लगता है ऊपर तक सबकी सहमति है।” दूसरे ग्रामीण ने बताया कि मिट्टी निकालने का काम रात के समय भी चलता था। कई बार उन्होंने रेलवे गार्ड को सूचना दी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे ट्रैक डेंजर की यह घटना सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा नहीं बल्कि पूरे कोयला रूट की सुरक्षा से जुड़ी है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो परिणाम भयंकर हो सकते हैं।

धनबाद DRM से क्या मांग कर रहे हैं ग्रामीण?

ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में धनबाद DRM से मांग की है कि तुरंत मौके पर जांच टीम भेजी जाए। गड्ढे के किनारे मजबूत गार्ड वॉल का निर्माण कराया जाए और रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। News Media Kiran ने ग्रामीणों के इस आक्रोश को दर्ज किया। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, “अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गिरिडीह में बड़ा रेल हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।” कई युवाओं ने कहा कि वे सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाएंगे ताकि प्रशासन जागे। Dhanbad DRM के कार्यालय में इस मामले की शिकायत पहले भी की जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। News Media Kiran लगातार इस मामले की निगरानी कर रहा है और आगे की किसी भी कार्रवाई की जानकारी तुरंत देगा।

News Media Kiran की ग्राउंड रिपोर्ट से क्या सबक मिलता है?

यह घटना सिर्फ गिरिडीह की नहीं बल्कि पूरे रेलवे सिस्टम की लापरवाही को उजागर करती है। जहां एक तरफ आधुनिक सिग्नल सिस्टम और स्पीड पर जोर दिया जा रहा है, वहीं ट्रैक के किनारे की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। News Media Kiran की टीम ने मौके पर जो स्थितियां देखीं, वे किसी भी नागरिक को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा, मिट्टी निकालकर बेचना और फिर खेती शुरू करना यह सब नियमों का खुला उल्लंघन है। Giridih News के इस संवेदनशील मुद्दे पर अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि धनबाद DRM कार्यालय से कोई ठोस कदम उठाया जाए। News Media Kiran इस पूरे मामले पर लगातार अपडेट देता रहेगा और जमीनी हकीकत को आपके सामने लाता रहेगा।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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