Bihar Weather: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज यानी 4 अक्टूबर से लेकर 8 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान कई जिलों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इस बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग द्वारा जारी इस पूर्वानुमान के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी बरतने को कहा गया है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने भी इस मौसम बदलाव की पुष्टि की है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार (4 अक्टूबर) के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड, ऑरेंज और वैलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार वैशाली, दरभंगा और मधुबनी जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सुपौल, मुजफ्फरपुर और सारण जिलों के लिए बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा पटना, समस्तीपुर, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी और मधेपुरा समेत कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
तापमान में गिरावट, उमस से मिलेगी राहत
अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधि के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी। पूर्वानुमान की अवधि में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 8 से 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चलने की भी संभावना है। हवा में नमी का स्तर भी काफी बढ़ा रहेगा, सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत तक रह सकती है।
Bihar Weather: किसानों के लिए जरूरी सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। किसानों को कहा गया है कि बारिश की संभावना को देखते हुए खड़ी फसलों में सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल स्थगित कर दें। आसमान साफ रहने पर ही खाद या कीटनाशक का प्रयोग करें। इसके अलावा, धान की जो फसल दूधिया अवस्था में है, उसमें गंधी बग कीट की निगरानी करने की भी सलाह दी गई है।



