Hamirpur / Himachal: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा की पिछली सरकार पर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को खराब करने का आरोप लगाया है। रविवार को नादौन विधानसभा क्षेत्र के कांगू में जन स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में आई, उस समय हिमाचल प्रदेश पर 76,707 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके साथ ही कर्मचारियों से संबंधित करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी पिछली सरकार छोड़कर गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा लिए गए कर्ज की किस्तों और अन्य वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए मौजूदा सरकार को भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को इस वित्तीय स्थिति से बाहर निकालना वर्तमान सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।

अनुराग ठाकुर पर साधा निशाना
सीएम सुक्खू ने सांसद अनुराग ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, इसलिए उन्हें हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति की जानकारी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्य जनता के सामने रखे जाने चाहिए, ताकि लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

प्रदेशभर में लगाए जाएंगे जन स्वास्थ्य शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जन स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रही है। इसका पायलट प्रोजेक्ट हमीरपुर जिले से शुरू किया गया है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी। सरकार का उद्देश्य बीमारियों की शुरुआती स्तर पर पहचान करना और समय रहते उपचार उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी का समय पर पता चलने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव और प्रभावी उपचार में मदद मिल सकती है।

नेपाल में लापता ऊना निवासी का मामला केंद्र के समक्ष
मुख्यमंत्री ने नेपाल में हुई त्रासदी के बीच लापता हुए ऊना निवासी के मामले पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार से उनकी बातचीत हुई है और लापता व्यक्ति के चचेरे भाई से भी फोन पर बात की गई है।
सुक्खू ने कहा कि ऐसी संभावना जताई जा रही है कि लापता व्यक्ति किसी सुरंग में हो सकता है और संभव है कि वह सुरक्षित हो। उन्होंने बताया कि इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जा रहा है, ताकि लापता व्यक्ति के बारे में जल्द जानकारी हासिल की जा सके और परिवार को आवश्यक सहायता मिल सके।

