UP Crime: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक लेखपाल पर गरीब परिवार से कथित तौर पर रिश्वत मांगने और पैसे देने में असमर्थता जताने पर बेटी को भेजने की मांग करने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला और संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन और बर्खास्तगी की मांग की।
तत्काल निलंबन और बर्खास्तगी की मांग
अखिलेश यादव ने मामले को लेकर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी अधिकारी का तत्काल निलंबन और बर्खास्तगी होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी इस तरह की हिम्मत न कर सके।
सपा प्रमुख ने महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा।
‘नारी वंदन’ के दावे पर अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने इस मामले को भाजपा सरकार के ‘नारी वंदन’ के दावे से जोड़ते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ‘नारी वंदन’ का ढोंग करने वाली भाजपा सरकार है भी या नहीं।
उनकी इस टिप्पणी के बाद मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है रायबरेली का पूरा मामला?
मामला रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि बारिश के दौरान गरीब परिवार का मकान गिर गया था। परिवार ने सरकारी सहायता के लिए रिपोर्ट लगवाने के संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल से संपर्क किया।
परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि रिपोर्ट लगाने के बदले लेखपाल ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की। महिला ने जब पैसे देने में असमर्थता जताई तो लेखपाल पर उसकी बेटी को अपने पास भेजने की कथित मांग करने का आरोप लगाया गया।
शिकायत सामने आने के बाद मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा और जांच शुरू की गई।
प्रशासनिक जांच में आरोपों को बताया गया निराधार
हालांकि, मामले में सामने आई प्रशासनिक जांच की तस्वीर शिकायतकर्ता के आरोपों से अलग बताई जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, एसडीएम स्तर की जांच में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया है।
ऐसे में मामले में एक तरफ शिकायतकर्ता के गंभीर आरोप हैं, जबकि दूसरी ओर प्रशासनिक जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात सामने आई है। अंतिम स्थिति संबंधित अधिकारियों की आगे की कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
अखिलेश यादव के बयान से गरमाई सियासत
लेखपाल पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच अखिलेश यादव के बयान ने मामले को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। सपा प्रमुख ने सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मामले में शिकायत और प्रशासनिक जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर होने के कारण आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

