सोमवार, 2 नवंबर 2026
लाइव देखें
हॉट टॉपिक्स
ब्रेकिंग

CG News: बीजापुर में 6 माओवादियों का सरेंडर, सुकमा के जंगलों में बरामद हुआ क्या बड़ा जखीरा?

13 अक्टूबर 2026
CG News
CG News

CG News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार को तीन महिलाओं समेत छह माओवादियों ने हथियार डाल दिए। इन सभी पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं पड़ोसी सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने जंगल से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के अनुसार, सरेंडर करने वाले छह में से चार ओडिशा में सक्रिय थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सली आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और स्थानीय योजनाओं से प्रभावित होकर यह फैसला लिया।

बीजापुर में किन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया और कितना इनाम था?

सरेंडर करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या (30), उनके पति संतोष कुड़ियम उर्फ सुक्कू (27) और पांडो पोडियाम उर्फ सस्मिता (28) शामिल हैं। ये तीनों ओडिशा राज्य इकाई की कंपनी नंबर 8 में प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थे और प्रत्येक पर आठ लाख रुपये का इनाम था। छत्तीसगढ़ इकाई की कंपनी नंबर 2 में सक्रिय कोसा मड़वी (30) पर भी आठ लाख का इनाम था। ओडिशा इकाई के पार्टी सदस्य देवें मड़कम उर्फ जन्नी (22) पर दो लाख और बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में सक्रिय लल्लू ताती (25) पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार सभी बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं और उन पर छत्तीसगढ़ व ओडिशा में सुरक्षा बलों पर हमलों में शामिल होने के आरोप हैं।

आत्मसमर्पण के पीछे क्या कारण बताए गए?

एसपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि माओवादियों ने संगठनात्मक ढांचे के कमजोर होने, सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, हिंसक विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादियों के सफल पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहे विकास को आत्मसमर्पण की मुख्य वजह बताया। चार माओवादी ओडिशा में सक्रिय थे, लेकिन उन्होंने छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियार छोड़ने का फैसला किया। पुलिस का कहना है कि पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक सहायता, कौशल विकास, आवास, शिक्षा और स्वरोजगार के लिए सहयोग मिलेगा ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें।

सुकमा के जंगल में क्या-क्या बरामद हुआ?

सुरक्षा बलों ने सोमवार को सुकमा जिले के जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया। यह अभियान आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया। जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने किस्टाराम थाना क्षेत्र के पलाचलमा गांव के पहाड़ी और वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन किया। बरामद सामग्री में दो .303 राइफल, एक सिंगल शॉट हथियार, चार बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, तीन 12 बोर राइफल, दो मजल-लोडिंग बंदूकें और एक देशी पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा इंसास राइफल की तीन मैगजीन, 26 जिंदा कारतूस, 12 बोर के 20 जिंदा कारतूस, एक एरो बम, बीजीएल के दो गोले, एक वायरलेस सेट और 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर भी मिले।

हाल ही में सुकमा में विस्फोटक नष्ट करने के दौरान क्या हुआ था?

बीते दिनों सुकमा में बेकार और बचे हुए विस्फोटकों को नष्ट करने के दौरान अचानक धमाका हो गया था। इस हादसे में CRPF के चार जवान घायल हो गए थे। सुरक्षा बलों का कहना है कि माओवादी बार-बार जंगलों में विस्फोटक और हथियार छिपाकर रखते हैं, जिससे स्थानीय आबादी और सुरक्षा कर्मियों दोनों के लिए खतरा बना रहता है। ताजा बरामदगी इसी तरह की सामग्री को सुरक्षित करने और नष्ट करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

आगे क्या हो सकता है और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति कैसी है?

आत्मसमर्पण और हथियारों की बरामदगी को सुरक्षा बलों ने सकारात्मक संकेत माना है। पुलिस का कहना है कि माओवादी संगठन कमजोर हो रहा है और विकास कार्यों तथा पुनर्वास योजनाओं का असर दिखने लगा है। सुकमा और बीजापुर दोनों जिलों में सुरक्षा अभियान जारी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें। पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वालों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश जारी रहेगी, ताकि हिंसा का चक्र टूटे और क्षेत्र में शांति बनी रहे।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *