K Annamalai CJP Controversy: पूर्व आईपीएस अधिकारी और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर अपना रुख अचानक बदल लिया है। हाल के दिनों में उन्होंने CJP द्वारा उठाए जा रहे सवालों का समर्थन किया था, लेकिन गुरुवार को उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी भी इस पार्टी का समर्थन नहीं किया। उनका एजेंडा अलग है और हमारा अलग। इस बयान से CJP और उसके नेता अभिजीत दीपके को राजनीतिक झटका लगा है। अन्नामलाई जून 2026 में भाजपा से इस्तीफा दे चुके थे और तमिलनाडु में पार्टी के पोस्टर बॉय माने जाते थे।
अन्नामलाई का नया बयान उन रिपोर्टों के बीच आया है, जिनमें उन्हें CJP के प्रदर्शनों और सवाल उठाने की शैली पर सकारात्मक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था। उन्होंने पहले कहा था कि गिरफ्तार करने से CJP के लोग और मजबूत होंगे। अब वे इससे पूरी तरह दूरी बना रहे हैं। भाजपा ने भी उनके बदलते बयानों पर सवाल उठाए हैं।
के अन्नामलाई ने CJP को लेकर क्या नया बयान दिया है?
गुरुवार को अन्नामलाई ने स्पष्ट किया हमने कभी भी कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन नहीं किया है। उनका एजेंडा अलग है, हमारा एजेंडा अलग है। यह बयान उनके हालिया रुख से बिल्कुल उलट है। पहले वे कहते थे कि CJP के तौर-तरीकों से वे सहमत न भी हों, लेकिन जो सवाल वे उठाना चाहते हैं, उस पर वे समर्थन करते हैं। अब उन्होंने पूरी तरह इनकार कर दिया है। इस बदलाव से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि वे किसी दबाव में हैं या अपना अलग रास्ता चुन रहे हैं।
पहले अन्नामलाई ने CJP का समर्थन कैसे किया था?
कुछ दिन पहले अन्नामलाई ने कहा था कि लोकतंत्र में कानून की प्रक्रिया का उल्लंघन होने पर सवाल उठाना जायज है। उन्होंने CJP के प्रदर्शनों को देशविरोधी या विदेशी फंडिंग से जोड़ने वाले आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि गिरफ्तारी से CJP के नेता और मजबूत होंगे। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर सवाल पूछने का अधिकार भी माना था। साथ ही केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि वह खुद को प्रासंगिक रखने के लिए हर समय दुश्मन पैदा करती रहती है।
भाजपा छोड़ने के बाद अन्नामलाई ने क्या आरोप लगाए थे?
अन्नामलाई ने जून 2026 में भाजपा से इस्तीफा दिया था। उसके बाद वे नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार से बातचीत की बात करते रहे। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा था कि केंद्र सरकार दिल्ली में 12 साल से ज्यादा सत्ता में होने के बावजूद लगातार दुश्मन पैदा कर रही है। उन्होंने FCRA और विदेशी फंडिंग के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि हर विरोध को देशविरोधी बताना अब थकाऊ हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जब से वे नीट मुद्दे पर बोल रहे हैं, उन पर हमले हो रहे हैं, लेकिन वे तमिलनाडु के जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना चाहते हैं।
भाजपा ने अन्नामलाई के बदलते रुख पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तमिलनाडु भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने अन्नामलाई के बयानों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में रहते हुए अन्नामलाई SIR का समर्थन करते थे और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ डिबेट में भी उन्होंने इसका बचाव किया था। अब वे अपना रुख पूरी तरह बदल चुके हैं। भाजपा का कहना है कि अन्नामलाई के बयान विरोधाभासी हैं और वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भ्रमित नजर आ रहे हैं। पार्टी ने उनके हालिया बयानों को अवसरवादी करार दिया है।
SIR और लोकतंत्र के मुद्दों पर उनकी राय क्या रही है?
अन्नामलाई ने SIR पर सवाल उठाने को सही बताया था और कहा था कि लोकतंत्र में उचित प्रक्रिया का उल्लंघन होने पर आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई सवाल उठाता है तो उसे विदेशी एजेंट करार दिया जाता है। हालांकि अब CJP से दूरी बनाते हुए उन्होंने साफ किया कि उनका कोई संबंध इस पार्टी से नहीं है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अन्नामलाई तमिलनाडु में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं और किसी एक पक्ष के साथ पूरी तरह खड़े नहीं होना चाहते।
के अन्नामलाई का यह यू-टर्न CJP और अभिजीत दीपके के लिए झटका है। जहां कुछ दिन पहले वे उनके सवालों का समर्थन कर रहे थे, वहीं अब उन्होंने पूरी तरह दूरी बना ली है। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद वे लगातार सरकार और पार्टी दोनों पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब उनका रुख और सावधानी भरा नजर आ रहा है। आगे देखना होगा कि वे तमिलनाडु की राजनीति में किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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