चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन ने नीति आयोग और एसोसिएशन ऑफ वॉलंटरी एक्शन (एवीए) के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। यह पहल ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ नेटवर्क के अंतर्गत भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों के संरक्षण, सशक्तिकरण और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है।
कर्रा सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह, बाल तस्करी और बाल शोषण जैसी समस्याओं से बच्चों को सुरक्षित करना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा।
सोसाइटी के सचिव ने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल बच्चों को बाल विवाह से बचाना है, बल्कि उनके उज्जवल भविष्य के लिए सही दिशा में काम करना भी है। एवीए और नीति आयोग के समर्थन से इस दिशा में बड़ा बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।”
इस अभियान के तहत समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी होगी। बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक दुष्प्रभावों को समझाने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन भी होगा।
महत्वपूर्ण बिंदु:
बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान।
बच्चों के लिए शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ाना।
समुदाय आधारित सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना।
इस पहल से न केवल बच्चों का जीवन सुरक्षित होगा, बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिलेगी। कर्रा सोसाइटी के इस प्रयास को जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है।

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