डेस्क: कई बार बीमारी से लड़ते हुए हम भरोसा दवाइयों पर करते हैं — कि ये हमें बचाएंगी, ठीक करेंगी, राहत देंगी।
लेकिन अगर वही दवा बीमारी नहीं बल्कि ज़हर बन जाए, तो? भारत में तेज़ी से फैला “फेक मेडिसिन मार्केट” अब सिर्फ एक हेल्थ इश्यू नहीं, बल्कि नेशनल सिक्योरिटी का खतरा बन चुका है।
क्योंकि असली डर बीमारी का नहीं …
गलत दवा से धीरे-धीरे मौत का है — वो भी बिना किसी को पता चले।

