Delhi Blast Update: दिल्ली के लाल किले के सामने हुए विस्फोट मामले में फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने दोनों को आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप में हिरासत में लिया है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने साफ किया है कि कैंपस में ऐसी कोई गतिविधियां नहीं होतीं और संस्थान का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। वाइस चांसलर डॉ. भूपिंदर कौर ने कहा कि गिरफ्तार डॉक्टरों का यूनिवर्सिटी से जुड़ाव दुखद है, लेकिन यह व्यक्तिगत मामला है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी में छापेमारी की, जिसमें 25 लोगों को हिरासत में लिया गया। दिल्ली ब्लास्ट अल-फलाह यूनिवर्सिटी का यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, लेकिन पुलिस ने कुछ अफवाहों का खंडन भी किया है।
Delhi Blast Update: दो डॉक्टर गिरफ्तार, यूनिवर्सिटी पर छापेमारी

दिल्ली के लाल किले के सामने हुए विस्फोट की जांच में फरीदाबाद पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर छापा मारा। इस दौरान दो डॉक्टरों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया। इनमें से एक डॉक्टर डॉ. उमर का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जो यहीं पढ़ाते थे। पुलिस ने कुल 25 लोगों को हिरासत में लिया और 10 को बंद कमरे में पूछताछ के लिए रखा। छापेमारी के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस में तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। दिल्ली ब्लास्ट अल-फलाह यूनिवर्सिटी का यह कनेक्शन अभी जांच का विषय है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार डॉक्टरों से पूछताछ में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
विस्फोट वाली कार का कनेक्शन: पुलिस ने किया खंडन
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि विस्फोट में इस्तेमाल i20 कार पिछले 10-11 दिनों से अल-फलाह यूनिवर्सिटी के धौज कैंपस में खड़ी थी। लेकिन फरीदाबाद पुलिस ने बुधवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि न होने का स्पष्ट किया। पुलिस ने कहा, “कुछ चैनल और सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें फैलाई जा रही हैं, लेकिन हम इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं करते।” यह खंडन यूनिवर्सिटी और स्थानीय लोगों को राहत देगा। पुलिस ने जांच जारी रखी है और कहा कि सच्चाई जल्द सामने आएगी।
यूनिवर्सिटी का बयान: ‘डॉक्टरों का व्यक्तिगत मामला, कैंपस साफ’
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. भूपिंदर कौर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान दिया। उन्होंने कहा, “कैंपस में आतंकी गतिविधियों का कोई लेना-देना नहीं। गिरफ्तार डॉक्टरों का यह व्यक्तिगत मामला है। हम पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं।” कौर ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि यूनिवर्सिटी शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र है। उन्होंने अफवाहों का खंडन किया और कहा कि संस्थान हमेशा कानून का पालन करता है। दिल्ली ब्लास्ट अल-फलाह यूनिवर्सिटी का यह विवाद कैंपस में डर का माहौल पैदा कर रहा है। छात्र संगठनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस की जांच: और सुराग की तलाश
फरीदाबाद पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार डॉक्टरों से पूछताछ जारी है। डॉ. उमर के अलावा दूसरे डॉक्टर का नाम गोपनीय रखा गया है। पुलिस ने यूनिवर्सिटी के आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी है। एसएसपी ने कहा, “हम पूरी निष्पक्षता से जांच कर रहे हैं। कोई छिपा संबंध हो तो सामने लाएंगे।” दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय भी हो रहा है। यह केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के दायरे में आ सकता है।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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