Jharkhand News: झारखंड में बिजली आपूर्ति का संकट गहरा गया है। दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन की 500 मेगावाट क्षमता वाली ए यूनिट को मंगलवार देर रात 1 बजकर 35 मिनट पर बंद कर दिया गया। यह फैसला मंगलवार को ही लिया गया था। अभियंताओं के अनुसार, नूरीनगर स्थित दोनों ऐश पौंड पूरी तरह भर चुके हैं, जिससे ऐश डिस्पोजल संभव नहीं हो पा रहा। इससे राज्य में बिजली उत्पादन प्रभावित होगा और उपभोक्ताओं को कटौती का सामना करना पड़ सकता है। DVC बोकारो थर्मल यूनिट बंद का यह कदम झारखंड की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत करनी होगी।
DVC बोकारो थर्मल यूनिट बंद: कारण और प्रभाव
DVC बोकारो थर्मल स्टेशन की ए यूनिट को बंद करने का मुख्य कारण ऐश पौंड का भर जाना है। नूरीनगर में स्थित दोनों पौंडों में राख जमा हो चुकी है। अभियंताओं ने बताया कि ऐश डिस्पोजल का कार्य विगत चार महीनों से ठप है। 15 जुलाई से बेरमो हाइवा कोयलांचल एसोसिएशन और विस्थापितों के आंदोलन के कारण यह प्रक्रिया बाधित रही। हालांकि, 1 नवंबर को चंद्रपुरा में बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय बैठक हुई, जिसमें आंदोलन समाप्त हुआ, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसके अलावा, ऐश पौंड में कार्यरत 55 मजदूरों ने वेतन भुगतान की मांग पर काम ठप कर रखा है। प्रबंधन ने पौंड के भीतर नई ऐश जमा करने की कोई जगह न बचने का हवाला दिया। अब दीवार बनाकर ऐश रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्पादन पर असर
यूनिट बंद होने से पहले इसे फुल लोड पर 500 मेगावाट उत्पादन के साथ चलाया जा रहा था। मंगलवार देर रात तक प्लांट से लगभग 360 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। अब झारखंड की बिजली आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा। DVC की अन्य यूनिटें भी प्रभावित हो सकती हैं। राज्य सरकार को वैकल्पिक स्रोतों से बिजली आयात करनी पड़ सकती है। उपभोक्ताओं को लोड शेडिंग का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट कोयला आधारित ऊर्जा पर निर्भरता को उजागर करता है।
बैठक और विभागों को सूचना
मंगलवार को हुई बैठक के बाद सभी विभागों को यूनिट बंद करने की सूचना साझा की गई। प्रबंधन ने कहा कि ऐश उठाव का कार्य तुरंत शुरू करने के प्रयास जारी हैं। लेकिन मजदूरों की हड़ताल और आंदोलन के बाद प्रभाव से रिकवरी में समय लगेगा। एसडीएम मुकेश मछुआ ने कहा, “आंदोलन समाप्त हुआ, लेकिन व्यावहारिक समस्या बरकरार है। जल्द समाधान निकालेंगे।
झारखंड बिजली संकट: सरकार क्या करेगी?
झारखंड में बिजली की मांग बढ़ रही है, जबकि उत्पादन घट रहा है। DVC बोकारो थर्मल यूनिट बंद से औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होंगे। बोकारो स्टील सिटी जैसे इलाकों में कटौती हो सकती है। सरकार ने वैकल्पिक प्लान पर काम शुरू किया है। ऊर्जा विभाग ने कहा, “अन्य यूनिटों से आपूर्ति बढ़ाएंगे। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि लंबे समय तक समस्या बनी रही तो आर्थिक नुकसान होगा।



