PM मोदी की रैली से दूर रहेंगे दिलीप घोष, BJP बंगाल में बढ़ती खींचतान के संकेत

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार को दुर्गापुर में आयोजित होने जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल न होने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है।
दिलीप घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं इस रैली में नहीं जाऊंगा। मुझे लगता है कि निमंत्रण जोन के आधार पर भेजा गया है। जब प्रधानमंत्री कोलकाता जोन में कार्यक्रम करेंगे, तब मुझे आमंत्रण मिलने की उम्मीद है।”
पार्टी में दरार के संकेत
घोष का इस रैली से दूर रहना राजनीतिक गलियारों में बंगाल भाजपा के भीतर गुटबाजी का संकेत माना जा रहा है। एक समय पर भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल रहे दिलीप घोष को अब पार्टी के अहम आयोजनों से किनारे रखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, घोष का नाम रैली की अतिथि सूची में शामिल नहीं था।
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पुष्टि की कि रैली की योजना में दिलीप घोष को शामिल नहीं किया गया था।
भविष्य की राजनीति पर असर
भाजपा के भीतर इस प्रकार की अनदेखी को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संकेत हो सकता है कि प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी बढ़ती जा रही है। साथ ही, राज्य में पार्टी के भीतर समर्थन और नेतृत्व को लेकर असंतुलन का भी यह प्रतिबिंब हो सकता है।
गौरतलब है कि दिलीप घोष बंगाल भाजपा के प्रमुख चेहरों में गिने जाते रहे हैं और उन्होंने पार्टी को राज्य में मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन बीते कुछ समय से उनके बयानों और गतिविधियों से पार्टी में भीतर ही भीतर असहजता देखी जा रही थी।
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