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DIY Haldi Ubtan: घर का हल्दी उबटन, बनाने और लगाने का तरीका और जरूरी सावधानियां

मुख्य बातें

  • उबटन में कौन-कौन सी चीजें लगेंगी?
  • हल्दी उबटन कैसे बनाएं?
  • पहले पैच टेस्ट करें
  • चेहरे पर उबटन कैसे लगाएं?
22 सितंबर 2026
DIY Haldi Ubtan
DIY Haldi Ubtan

DIY Haldi Ubtan: धूल, प्रदूषण और तेज धूप के बीच चेहरे की देखभाल के लिए कई लोग पारंपरिक हल्दी उबटन आजमाते हैं। भारत में शादी-ब्याह से लेकर रोजमर्रा की देखभाल तक उबटन का लंबा पारंपरिक इतिहास है। इस लेख में हम घर पर हल्दी-बेसन उबटन बनाने और लगाने का तरीका बताएंगे, और अमेरिका के NIH के नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH), अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) और ब्रिटेन की NHS की जानकारी के आधार पर यह भी समझेंगे कि इससे क्या उम्मीद करनी चाहिए और किन सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है। साफ कर दें कि उबटन कोई दवा नहीं है और इससे दाग, टैन या मुंहासे ठीक होने की कोई गारंटी नहीं है।

उबटन में कौन-कौन सी चीजें लगेंगी?

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  • आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • 2 बड़े चम्मच बेसन
  • 2 से 3 बड़े चम्मच कच्चा दूध या दही (रूखी त्वचा में अक्सर दूध और तैलीय त्वचा में दही इस्तेमाल किया जाता है)
  • 1 छोटा चम्मच गुलाब जल
  • आधा छोटा चम्मच शहद

मात्रा जरूरत के हिसाब से थोड़ी घटाई-बढ़ाई जा सकती है। पेस्ट इतना गाढ़ा हो कि बहे नहीं, लेकिन इतना कड़ा भी नहीं कि फैल न सके। हर बार ताजा पेस्ट बनाएं। हल्दी कपड़ों और नाखूनों पर पीला रंग छोड़ सकती है, इसलिए पुराना तौलिया पास रखें।

हल्दी उबटन कैसे बनाएं?

एक साफ कटोरी में बेसन और हल्दी मिलाएं। फिर शहद और गुलाब जल डालें, और त्वचा के हिसाब से दूध या दही मिलाएं। चम्मच से तब तक फेंटें जब तक बिना गांठ वाला एक समान पेस्ट न बन जाए। इसमें दो-तीन मिनट लगते हैं। पेस्ट ज्यादा पतला हो तो थोड़ा बेसन और ज्यादा गाढ़ा हो तो एक-दो बूंद दूध या गुलाब जल मिलाएं। पेस्ट तुरंत इस्तेमाल करें।

पहले पैच टेस्ट करें

NCCIH के अनुसार त्वचा पर करक्यूमिन (हल्दी का मुख्य सक्रिय तत्व) लगाने से कुछ लोगों में पित्ती (हाइव्स) या खुजली हो सकती है। इसलिए चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। AAD की सलाह है कि नया उत्पाद बांह के अंदरूनी हिस्से या कोहनी के मोड़ पर 7 से 10 दिन तक दिन में दो बार लगाकर देखें। धोकर हटाने वाली चीज को लगभग 5 मिनट या निर्देश के अनुसार रखें। लालिमा, खुजली या सूजन हो तो तुरंत धीरे से धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें। AAD के अनुसार पौधों से बनी (बॉटेनिकल) चीजों में भी खुशबू से जुड़े ऐसे तत्व हो सकते हैं जो प्रतिक्रिया पैदा करें। दूध, बेसन, शहद या गुलाब जल से एलर्जी हो तो उबटन न लगाएं।

चेहरे पर उबटन कैसे लगाएं?

  • चेहरा पानी या हल्के फेस वॉश से धोकर सुखा लें।
  • उंगलियों से चेहरे और गर्दन पर समान पतली परत लगाएं। आंखों के आसपास न लगाएं।
  • 15-20 मिनट रहने दें, लेकिन पूरी तरह पपड़ी बनने तक न सूखने दें।
  • हथेलियों में पानी लेकर हल्के हाथों से उतारें और ताजे पानी से धो लें। जोर से न रगड़ें।
  • खुली खरोंच, घाव या सनबर्न वाली त्वचा पर न लगाएं। आंख में चला जाए तो साफ पानी से धोएं।

रगड़कर उतारना: कितना सही?

उबटन को अक्सर रगड़कर उतारा जाता है। लेकिन AAD मुंहासों वाली त्वचा को रगड़ने और एक्सफोलिएंट जैसे जलन पैदा करने वाले उत्पादों से बचने की सलाह देता है, क्योंकि इससे त्वचा सूख सकती है और मुंहासे बदतर दिख सकते हैं। NHS भी त्वचा को न रगड़ने की सलाह देता है। इसलिए हमेशा बहुत हल्के हाथ रखें।

इस उबटन से क्या उम्मीद करें?

हल्दी को पारंपरिक रूप से पिंपल्स, दाग-धब्बे और टैन कम करने वाला माना जाता है। NCCIH के अनुसार हल्दी का इस्तेमाल भारत की आयुर्वेदिक समेत कई पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में त्वचा के संक्रमण जैसी समस्याओं के लिए होता रहा है, लेकिन NCCIH यह भी बताता है कि हल्दी या करक्यूमिन पर हुए कई अध्ययनों के बावजूद इसके स्वास्थ्य लाभों पर निश्चित निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। यानी उबटन से चेहरा कुछ देर साफ और मुलायम महसूस हो सकता है, लेकिन रंगत बदलने, दाग मिटाने या मुंहासे ठीक करने का दावा प्रमाणित नहीं है। लगातार मुंहासे, दाग या त्वचा रोग में त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।

धूप से बचाव भी जरूरी

टैन और दाग से बचने का सबसे भरोसेमंद तरीका धूप से सुरक्षा है। NHS के अनुसार टैन पाने का कोई सुरक्षित तरीका नहीं है। धूप तेज हो तो छांव में रहें, कम से कम SPF 30 और अच्छी UVA सुरक्षा वाला सनस्क्रीन पर्याप्त मात्रा में लगाएं, और हर 2 घंटे में दोबारा लगाएं। धूप में निकलने से पहले उबटन का अवशेष पूरी तरह धो लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: क्या हल्दी उबटन से रंग गोरा होता है?
उत्तर: इसका कोई भरोसेमंद वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। NCCIH के अनुसार हल्दी के स्वास्थ्य लाभों पर निश्चित निष्कर्ष के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। त्वचा का रंग बदलने का दावा करने वाले नुस्खों से सावधान रहें।

प्रश्न: क्या हल्दी से त्वचा पर एलर्जी हो सकती है?
उत्तर: हां, NCCIH के अनुसार त्वचा पर करक्यूमिन लगाने से पित्ती या खुजली हो सकती है। पैच टेस्ट जरूर करें।

प्रश्न: उबटन कितनी बार लगाएं?
उत्तर: त्वचा की प्रतिक्रिया देखकर कभी-कभार लगाएं। जलन, लालिमा या रूखापन हो तो बंद करें।

प्रश्न: क्या गर्भावस्था में उबटन लगा सकते हैं?
उत्तर: त्वचा पर लगाने को लेकर संदेह हो तो डॉक्टर से पूछें। NCCIH के अनुसार गर्भावस्था में हल्दी के सप्लीमेंट लेना असुरक्षित हो सकता है।

निष्कर्ष

हल्दी उबटन एक पारंपरिक घरेलू स्किन केयर तरीका है, जिसे पैच टेस्ट और हल्के हाथ के साथ आजमाया जा सकता है। लेकिन इसे दवा या रंगत बदलने का उपाय न समझें, और धूप से बचाव को अपनी रोज की आदत बनाएं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है, इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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