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Petrol-Diesel Price 19 Sep 2026: मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये; यूपीआई पर नया चार्ज डीलरों की चिंता बढ़ा रहा है।

Petrol-Diesel Price 19 Sep 2026: शनिवार 19 सितंबर 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह छह बजे के दैनिक संशोधन में मौजूदा दरें बरकरार रखीं। मुंबई में पेट्रोल आज भी 111.21 रुपये प्रति लीटर पर है। पिछले कुछ दिनों में यह भाव 111.18 से 111.21 रुपये के बीच रहा है।

दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये तथा चेन्नई में 107.77 रुपये दर्ज किया गया। बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये और हैदराबाद में 116.15 रुपये प्रति लीटर चल रहा है। ये दरें शहर के हिसाब से अलग-अलग कर और स्थानीय शुल्क के कारण भिन्न हैं।

आज प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के क्या भाव हैं?

नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये तथा डीजल 97.83 रुपये है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये चल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये व डीजल 99.55 रुपये है।

गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और नोएडा में 101.96 रुपये प्रति लीटर है। चंडीगढ़ में पेट्रोल 101.54 रुपये तथा डीजल 89.47 रुपये अपेक्षाकृत कम है। जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये, लखनऊ में 101.86 रुपये और पटना में 113.37 रुपये प्रति लीटर है। भुवनेश्वर में पेट्रोल 108.97 रुपये तथा तिरुवनंतपुरम में 115.49 रुपये दर्ज किया गया। ये आंकड़े शनिवार की सुबह जारी दरों पर आधारित हैं।

पेट्रोल पंप पर यूपीआई भुगतान को लेकर क्या नया नियम आने वाला है?

अगले महीने से दो हजार रुपये से अधिक की यूपीआई लेनदेन पर फ्लैट पांच रुपये का मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने वाला है। पेट्रोल पंप डीलर संघ वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालयों से इस शुल्क से छूट की मांग कर रहे हैं। डीलरों का कहना है कि उनकी प्रति लीटर मार्जिन पहले से ही सीमित है और यह अतिरिक्त बोझ मुनाफे को और घटा देगा।

कुछ डीलरों ने चेतावनी दी है कि लाभ बचाने के लिए दो हजार रुपये से ऊपर के लेनदेन पर यूपीआई स्वीकार करना बंद कर सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को बड़े भुगतान के लिए नकद या अन्य माध्यम अपनाने पड़ सकते हैं। यह बदलाव ईंधन खरीद के रोजमर्रा के तरीके को प्रभावित कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में क्या हाल है और ईरान संकट का क्या असर दिख रहा है?

ब्रेंट क्रूड का भाव इस सप्ताह की शुरुआत में लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा था। जुलाई में यह 70 डॉलर से कुछ ऊपर था। शनिवार को तेल तीसरे दिन भी गिरा। मध्य पूर्व आपूर्ति को लेकर चिंताओं में बदलाव के बीच सऊदी अरब ने यूरोप को कुछ बिक्री रोकी। रात के कारोबार में भाव 102 डॉलर से नीचे गया फिर ज्यादातर गिरावट निकल गई और यह 103.87 डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले दिन से 0.9 प्रतिशत कम है।

ईरान ने दावा किया कि उसने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे टोगो झंडे वाले टैंकर ट्रेंड पर हमला किया। राज्य प्रसारक ने रिवोल्यूशनरी गार्ड का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। गार्ड की नौसेना ने बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों को विनाश की चेतावनी दी है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के युद्ध शुरू होने के बाद तेहरान ने जलमार्ग पर काफी नियंत्रण का दावा किया है।

अमेरिका में गैसोलीन का औसत भाव 4.47 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गया है, जो एक साल पहले 3.20 डॉलर था। डीजल 6.45 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर पर है। वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय खुदरा दरों को भी प्रभावित कर सकता है, हालांकि फिलहाल घरेलू भाव स्थिर रखे गए हैं।

डीलरों की मांग और उपभोक्ताओं के लिए आगे क्या मायने रखता है?

डीलर संघों ने मंत्रालयों से अपील की है कि ईंधन खरीद पर प्रस्तावित यूपीआई शुल्क से छूट दी जाए। उनकी दलील है कि निश्चित मार्जिन पर यह शुल्क व्यवसाय को नुकसान पहुंचाएगा। अगर बड़े लेनदेन पर यूपीआई बंद होता है तो उपभोक्ताओं को भुगतान के विकल्प सीमित हो सकते हैं।

तेल कंपनियां रोजाना दरें तय करती हैं और फिलहाल इन्हें नहीं बढ़ाया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्य पूर्व तनाव और आपूर्ति संबंधी खबरें कीमतों को अस्थिर बनाए हुए हैं। भारतीय रिफाइनर रूसी तेल पर दांव लगाए हुए हैं, हालांकि टैरिफ जोखिम की चर्चा भी चल रही है।

स्थिर घरेलू दरें फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत दे रही हैं, लेकिन यूपीआई नियम लागू होने पर पंप पर लेनदेन का तरीका बदल सकता है। डीलर और सरकार के बीच बातचीत का नतीजा आने वाले दिनों में साफ होगा। वैश्विक कच्चे तेल के रुख पर भी नजर रखनी होगी क्योंकि लंबे समय तक ऊंचे भाव रहने पर घरेलू समायोजन की संभावना बनी रहती है।

शहरवार दरों में अंतर स्थानीय कर व्यवस्था के कारण है। मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों में भाव अपेक्षाकृत ऊंचे हैं जबकि दिल्ली एनसीआर और चंडीगढ़ में तुलनात्मक रूप से कम हैं। उपभोक्ता अपने शहर की ताजा दर देखकर ईंधन भरवा सकते हैं। यूपीआई संबंधी नया शुल्क लागू होने से पहले स्पष्टता जरूरी है ताकि पंप पर कोई अचानक बदलाव उपभोक्ताओं को परेशान न करे।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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