अमेरिका के टैरिफ ऐलान के बाद भारत पर सख्त बयानबाज़ी, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जताई नाराज़गी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आने वाले सभी उत्पादों पर 25% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा के बाद अब उनके प्रशासन ने भारत के प्रति कड़ा रुख दिखाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत के व्यवहार और रूस से तेल खरीद पर नाराज़गी जाहिर की है।
भारत से ‘निराश’ है अमेरिकी टीम: बेसेंट
अमेरिकी मीडिया चैनल CNBC से बातचीत करते हुए स्कॉट बेसेंट ने कहा कि नई दिल्ली के साथ व्यापार वार्ता बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रही है, जिससे पूरी अमेरिकी ट्रेड टीम में निराशा का माहौल है। उन्होंने कहा, “भारत की वजह से बातचीत की रफ्तार काफी धीमी रही है। हमारी टीम इस रवैये से थक चुकी है और राष्ट्रपति ट्रंप भी इससे खुश नहीं हैं।”
रूसी तेल पर भी दी चेतावनी
बेसेंट ने एक बार फिर भारत के रूस से तेल आयात के मुद्दे को उठाया। उन्होंने दावा किया कि भारत रूस से प्रतिबंधित कच्चा तेल खरीद कर उसे रिफाइंड उत्पाद के रूप में वैश्विक बाजार में बेच रहा है। उन्होंने चेताया कि ऐसे में भारत अब “वैश्विक नेतृत्वकर्ता” की भूमिका में नहीं रह गया है।
1 अगस्त से लागू होगा टैरिफ
डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि 1 अगस्त से भारत से अमेरिका में आने वाले सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा। इसके साथ ही, रूस से सैन्य उपकरण और ऊर्जा संसाधन खरीदने पर भी आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। ट्रंप ने तीखा बयान देते हुए कहा, “मुझे फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या कर रहा है, या दोनों अपनी अर्थव्यवस्थाएं कैसे नीचे गिरा रहे हैं।”
भारत सरकार की प्रतिक्रिया: ‘राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं’
अमेरिकी फैसले के जवाब में भारत सरकार ने कहा है कि वह इस पूरे मसले का गहन अध्ययन कर रही है और निष्पक्ष वैश्विक व्यापार के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बयान जारी कर कहा कि भारत अपने मूल राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी दबाव में आकर अपनी रणनीतिक नीतियों में बदलाव नहीं करेगा।
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