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6 दिवसीय भारत यात्रा पर तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी, देवबंद और ताजमहल का भी करेंगे दौरा

अफगानिस्तान के तालिबान कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत की छह दिवसीय यात्रा पर आ रहे हैं। यह पहली बार है जब तालिबान के इतने वरिष्ठ अधिकारी भारत का दौरा कर रहे हैं। मुत्ताकी गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे और इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

प्रमुख कार्यक्रम

  • देवबंद दारुल उलूम मदरसे का दौरा: 11 अक्टूबर को मुत्ताकी उत्तर प्रदेश के देवबंद मदरसे जाएंगे। यहां कुछ अफगान छात्र भी पढ़ाई कर रहे हैं। देवबंद मदरसे को तालिबान नेता बड़े सम्मान की दृष्टि से देखते हैं और पाकिस्तान में स्थित दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे की स्थापना देवबंद के तर्ज पर हुई थी।

  • ताजमहल का दौरा: 12 अक्टूबर को मुत्ताकी आगरा जाकर ताजमहल का भ्रमण करेंगे।

  • व्यापारिक और अफगान समुदाय से मुलाकात: 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक प्रमुख उद्योग मंडल के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और भारत में रह रहे अफगान व्यापारियों से भी मुलाकात करेंगे।

मुत्ताकी पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आएंगे, जिसमें उप उद्योग और वाणिज्य मंत्री अहमदउल्लाह ज़ाहिद, विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नूर अहमद नूर और प्रवक्ता जिया अहमद ताकल शामिल हैं। उन्हें सरकारी प्रोटोकॉल मिलेगा और हैदराबाद हाउस में जयशंकर से मुलाकात की जाएगी।

यात्रा के उद्देश्य

  • भारत और तालिबान के बीच कामकाजी रिश्ते स्थापित करना।

  • सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने पर सहयोग पर चर्चा।

  • अफगान छात्रों, व्यापारियों और मरीजों के लिए वीज़ा नियमों में आसानी।

  • भारत-अफगान व्यापार को बढ़ावा देना, विशेषकर चाबहार बंदरगाह के माध्यम से।

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालिबान की मान्यता और संबंधों को मजबूती देना।

तालिबान ने अगस्त 2021 में काबुल पर कब्जा किया था। हालांकि भारत और अन्य देशों ने अभी तक उनकी सरकार को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है। मुत्ताकी की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। यात्रा को पहले अमेरिकी सुरक्षा परिषद से अनुमति की जरूरत थी, जो 30 सितंबर को मिली।

अफगान विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान 2.0 इस यात्रा में भारत के खिलाफ कोई नकारात्मक बयानबाजी या गतिविधि में शामिल नहीं होगा। यह दौरा राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से है।

मुत्ताकी 15 अक्टूबर को काबुल लौटेंगे। उनकी यात्रा के दौरान आगरा, मुंबई और हैदराबाद की यात्राएं भी शामिल हैं, जहां वे भारतीय व्यापार मंडलों से मिलकर निवेश और व्यापार के अवसरों का आकलन करेंगे।

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