Top 5 This Week

Related Posts

हिमालय का कहर! घेपन झील 176% फूली, फटते ही पाकिस्तान तक मौत का सैलाब – लाखों जिंदगियां दांव पर!

वाराणसी – हिमाचल के लाहौल में एक झील इतनी बड़ी हो गई है कि सब डर रहे हैं। नाम है घेपन झील। 33 साल में ये 176% बढ़ चुकी है। अगर ये फट गई तो हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान तक बाढ़ आ जाएगी। लाखों लोग मुसीबत में पड़ सकते हैं। सरकारी रिपोर्ट ने चेतावनी दी है। आइए आसान भाषा में पूरी बात समझते हैं।
घेपन झील कहाँ है?
  • लाहौल-स्पीति जिले में, सिस्सू गाँव के ऊपर।
  • ऊंचाई: 13,500 फीट (बहुत ऊँचा पहाड़)।
  • 1989 में छोटी थी – सिर्फ 36 हेक्टेयर।
2022 में: 101 हेक्टेयर – यानी 3 गुना से ज्यादा!
इसमें 3.5 करोड़ लीटर पानी भरा है।
खतरा क्यों?
पहाड़ का बर्फ (ग्लेशियर) तेजी से पिघल रहा है। गर्मी बढ़ने से बर्फ पिघलकर झील में पानी भर रहा है। झील के किनारे पर मिट्टी का बाँध है – वो कमजोर हो रहा है।
अगर बाँध टूटा → झील फट जाएगी → बाढ़ का सैलाब।
कहाँ-कहाँ तबाही?
  • हिमाचल: सिस्सू, केलॉन्ग, उदयपुर गाँव डूब जाएँगे। मनाली-लेह सड़क, पुल, बिजली घर सब बह जाएँगे।
  • जम्मू-कश्मीर: चिनाब नदी में पानी बढ़ेगा → डोडा, किश्तवाड़ डूबेंगे।
  • . पाकिस्तान: चिनाब वहाँ जाती है → पंजाब के कई इलाके डूब सकते हैं।
एक झील फटने से 3 देश प्रभावित!
  • क्यों बढ़ रही है झील?
  • गर्मी बढ़ रही: हिमालय सामान्य से दोगुनी तेज गर्म हो रहा।
  • पर्यटक ज्यादा: रोहतांग पास पर गाड़ियाँ, ट्रैकिंग – मिट्टी ढीली हो रही।
  • बारिश ज्यादा: बादल फटने से पानी झील में जाता है।
पहले भी हुआ है ऐसा
2021 में उत्तराखंड में एक झील फटी थी – 200 लोग मरे। 2023 में हिमाचल में बाढ़ आई – 560 लोग मरे। अब घेपन झील उनसे भी बड़ा खतरा है।
सरकार क्या कर रही?
  • . चेतावनी मशीन लगा रहे हैं – झील का पानी बढ़े तो अलार्म बजेगा।
  • . सैटेलाइट से निगरानी – रोज़ झील की तस्वीरें देखी जा रही हैं।
  • . ड्रेन बनाएँगे – झील का पानी धीरे-धीरे निकालने की कोशिश।
  • . लोगों को सिखाएँगे – बाढ़ आए तो कहाँ भागें, क्या करें।
गाँव वाले डरे हुए
सिस्सू के लोग कहते हैं: “पहले झील हमारी सुंदरता थी, अब डर लगता है।”
किसान चिंता में – बाग, मवेशी, घर सब खतरे में।
आगे क्या करना चाहिए?
  • . गर्मी कम करो – पेड़ लगाओ, गाड़ी कम चलाओ।
  • . झील की निगरानी – ड्रोन, कैमरा लगाओ।
  • . भारत-पाकिस्तान मिलकर – बाढ़ की खबर पहले से शेयर करो।
  • . नई झीलें न बनने दो – पहाड़ पर कम निर्माण करो।
निष्कर्ष:
घेपन झील का बढ़ना हमें साफ चेतावनी दे रहा है – प्रकृति से छेड़छाड़ महँगी पड़ती है। एक छोटी-सी झील फटकर 3 देशों में तबाही ला सकती है। सरकार अलार्म और निगरानी लगा रही है, लेकिन सबसे बड़ा इलाज है गर्मी रोकना। हर व्यक्ति पेड़ लगाए, बिजली बचाए, प्लास्टिक कम करे। हिमाचल के पहाड़, गाँव, नदियाँ – सब हमारी धरोहर हैं। आज बचाओ, तभी कल बचेगा। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles