Health News: दिल की बीमारियां आजकल आम हो गई हैं। ज्यादा तेल खाने से नसें बंद हो जाती हैं, कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बताया है कि सही तेल चुनें और सही तरीके से इस्तेमाल करें तो इन समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। FSSAI के मुताबिक, पैकेज्ड तेलों का इस्तेमाल करें, जो साफ-सुथरे और टेस्टेड होते हैं। इससे न सिर्फ दिल स्वस्थ रहेगा, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पाचन की दिक्कतें भी कम होंगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
सही तेल चुनें: पैकेज्ड ऑयल ही बेस्ट, वनस्पति से दूर रहें
FSSAI कहता है कि खाना बनाने के लिए रिफाइंड, सरसों, सोयाबीन या सूरजमुखी का तेल चुनें। ये तेल पैकेट, बोतल, कैन या टिन में आते हैं, जिनकी क्वालिटी चेक हो चुकी होती है। ये साफ होते हैं और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं। लेकिन वनस्पति घी या मार्गरिन से बचें, क्योंकि इनमें ट्रांस फैट ज्यादा होता है। ट्रांस फैट से दिल की नसें जाम हो जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का डर बढ़ जाता है।
सरसों का तेल पौष्टिक है, जो पाचन सुधारता है। सोयाबीन तेल में अच्छे फैट होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करते हैं। सूरजमुखी तेल हल्का और आसानी से पचता है। इन तेलों को महीने में एक बार चेक करें कि कितना इस्तेमाल हो रहा है। जैसे, हर बार 100-200 मिलीलीटर नोट करें, ताकि कुल खपत पता चले।
तेल इस्तेमाल का सही तरीका: दोबारा यूज में सावधानी बरतें
तेल को गर्म करने का सही तरीका अपनाएं। हर तेल का एक स्मोक पॉइंट होता है, यानी एक खास तापमान पर वह जलने लगता है। इससे ज्यादा गर्म करेंगे तो तेल की गुणवत्ता खराब हो जाएगी, पोषण नष्ट हो जाएगा और यह जहरीला बन सकता है। इसलिए, जरूरत जितना ही तेल लें और मध्यम आंच पर पकाएं।
अगर तेल दोबारा इस्तेमाल करना हो, तो पहले छान लें और साफ कांच के बर्तन में रखें। लेकिन अगर तेल काला या चिपचिपा लगे, तो बिल्कुल न यूज करें। ज्यादा तेल से मोटापा, गैस, कब्ज, त्वचा पर मुंहासे और फैटी लीवर जैसी दिक्कतें होती हैं। FSSAI की सलाह मानें तो ये सब टल सकता है।
हार्ट हेल्थ के फायदे: नसें साफ, जिंदगी स्वस्थ
सही तेल से दिल की बीमारियां 30-40% तक कम हो सकती हैं। अच्छे फैट वाले तेल ब्लॉकेज रोकते हैं, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखते हैं और एनर्जी देते हैं। रोजाना 2-3 चम्मच तेल ही काफी है। FSSAI कहता है कि तेल बदलते रहें, महीने में एक नया पैकेट लें। इससे डायबिटीज का रिस्क भी घटेगा।
घर में सब्जी, रोटी या फ्राई करने में ये टिप्स अपनाएं। डॉक्टर भी यही कहते हैं कि बैलेंस्ड डाइट से हार्ट अटैक से बचा जा सकता है। FSSAI की यह गाइडलाइन हर घर के लिए जरूरी है। आज से ही अपनाएं और परिवार को स्वस्थ रखें। अधिक जानकारी के लिए FSSAI की वेबसाइट देखें।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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