IndiGo Update: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को बड़ा झटका लगा है। क्रू की कमी और ऑपरेशनल दिक्कतों से 5 दिसंबर को पूरे देश में 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हो गईं। 6 दिसंबर को भी कई उड़ानें रुकी रहीं। पैसेंजर्स परेशान, किराए आसमान छूने लगे। इसी बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस पर अस्थायी किराया सीमा लगा दी। ये कदम पैसेंजर्स को लूटने वाली प्राइसिंग रोकने के लिए है।
क्रू शॉर्टेज से मची खलबली
इंडिगो की दिक्कत क्रू की कमी से शुरू हुई। एक दिन में सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसल होने से एयरपोर्ट्स पर हाहाकार मच गया। स्पाइसजेट की कोलकाता-मुंबई वाली टिकट 90,000 रुपये तक पहुंच गई। एयर इंडिया की मुंबई-भुवनेश्वर फ्लाइट का किराया 84,000 से ऊपर हो गया। कुछ रूट्स पर तो 1 लाख से ज्यादा चार्ज हो रहे थे। बुजुर्ग, स्टूडेंट्स और मरीज जैसे लोग सबसे ज्यादा परेशान। मंत्रालय ने कहा कि ये संकट के समय का फायदा उठाना गलत है।
रिफंड तुरंत, किराया कैप कब तक?
मंत्रालय ने इंडिगो को साफ आदेश दिया – कैंसल फ्लाइट्स के टिकट का पूरा पैसा 7 अगस्त शाम 8 बजे तक रिफंड करो। एक अलग सेल बनाकर रिफंड की निगरानी करो, वरना सख्त कार्रवाई होगी। पैसेंजर्स रीशेड्यूलिंग फ्री में करा सकते हैं। चेक-इन के बाद कैंसल हुई फ्लाइट्स में सामान घर तक पहुंचाने का हुक्म। किराया कैप पूरे बाजार पर लगे हैं, रीयल-टाइम डेटा से नजर रखी जाएगी। ये सीमा तब तक रहेगी जब तक हालात पूरी तरह सुधर न जाएं। उल्लंघन पर कड़ी सजा का वादा।
ये कदम पैसेंजर्स को राहत देगा। इंडिगो जैसी कंपनियां अब सोचेंगी। सरकार का कहना है कि उड़ानें जरूरी सेवा हैं, इनमें लूट नहीं चलेगी। अब देखना ये है कि ये फैसला कितना असर दिखाता है।



