JBVNL Update: झारखंड के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। राज्य में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) को टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। अगर प्रस्ताव मंजूर हुआ तो आम उपभोक्ताओं का बिल 200 से 350 रुपये तक बढ़ सकता है। आयोग जनवरी में सुनवाई करेगा और नई दरें अप्रैल 2026 से लागू हो सकती हैं।
कितनी बढ़ोतरी का प्रस्ताव?
JBVNL ने घरेलू बिजली की दरों में औसतन 15-20 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। मुख्य बिंदु:
- फिक्स्ड चार्ज बढ़ाकर 100-150 रुपये प्रति किलोवाट करने का प्रस्ताव।
- प्रति यूनिट दर में 50 पैसे से 1 रुपये तक की बढ़ोतरी।
- कम खपत वाले उपभोक्ताओं (100 यूनिट तक) पर भी असर।
- औसतन 200 यूनिट खपत वाले घर का बिल 250-350 रुपये बढ़ सकता है।
निगम का कहना है कि पिछले 3 साल से दरें नहीं बढ़ीं। कोयला, ट्रांसमिशन और वितरण का खर्च बढ़ गया है। घाटा पूरा करने के लिए बढ़ोतरी जरूरी है।
उपभोक्ताओं पर क्या असर?
झारखंड में करीब 50 लाख घरेलू कनेक्शन हैं। ज्यादातर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोग हैं। बिल बढ़ने से परिवारों पर बोझ पड़ेगा। एक उपभोक्ता ने कहा, “महंगाई पहले से ज्यादा है। अब बिजली बिल भी बढ़ेगा तो कैसे चलेगा घर?”
कई लोग कह रहे हैं कि पहले सर्विस बेहतर करें। बिजली कटौती कम हो, वोल्टेज स्थिर हो। तब दरें बढ़ाने की बात करें।
आयोग क्या करेगा?
JSERC ने प्रस्ताव पर जनवरी में सार्वजनिक सुनवाई करेगा। उपभोक्ता, संगठन और विशेषज्ञ अपनी राय दे सकेंगे। आयोग सभी पक्ष सुनकर फैसला लेगा। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है।
पिछले साल भी प्रस्ताव आया था, लेकिन आयोग ने कम बढ़ोतरी मंजूर की थी। इस बार निगम ने घाटे का हवाला देकर ज्यादा बढ़ोतरी मांगी है।
JBVNL Update: निगम का दावा
JBVNL का कहना है कि घाटा 5000 करोड़ से ज्यादा हो गया है। कोयला महंगा हो गया। नए ट्रांसफार्मर और लाइनें लगानी पड़ रही हैं। बिना बढ़ोतरी के सर्विस प्रभावित होगी। निगम ने वादा किया कि पैसे से नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। बिजली कटौती कम होगी।
झारखंड के लोग इंतजार कर रहे हैं कि आयोग क्या फैसला लेता है। उपभोक्ता संगठन विरोध की तैयारी कर रहे हैं। सुनवाई में अपनी बात रखेंगे। उम्मीद है कि बढ़ोतरी कम से कम हो और आम आदमी पर बोझ न पड़े।



