Jharkhand Cold Wave: झारखंड के मौसम में अचानक बदलाव आ गया है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठंड का ऐसा कहर बरपाया कि एक ही दिन में तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। राजधानी रांची सहित कई जिलों में कनकनी ने लोगों को घरों में कैद कर लिया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में ठंड और तेज होगी। यह हवाएं पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आ रही हैं, जो राज्य को ठंडा बना रही हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान और मजदूर सबसे ज्यादा परेशान हैं। झारखंड में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर फसलों पर भी पड़ रहा है। सरकार ने राहत के इंतजाम किए हैं, लेकिन लोग गर्म कपड़ों के लिए चिंतित हैं। यह मौसम आम आदमी के लिए चुनौती बन गया है।
झारखंड में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर: तापमान में भारी गिरावट

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को रांची का अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री था, जो रविवार को 20 डिग्री रह गया। इसी तरह धनबाद में 4.2 डिग्री, जमशेदपुर में 3.8 डिग्री और गुमला में 4.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार 15-20 किमी प्रति घंटा है, जो रात में और तेज हो जाती है। दिन में हल्की धूप निकलती है, लेकिन हवा की ठंडक से कनकनी लगती रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर गर्मी ले रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक ने कहा, “यह असर अगले 72 घंटों तक रहेगा। न्यूनतम तापमान 10-12 डिग्री तक गिर सकता है।” झारखंड में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर शहरों से ज्यादा गांवों पर पड़ रहा है।
प्रभावित जिले: रांची से लेकर धनबाद तक ठंड का तांडव
राज्य के 24 जिलों में से 18 में ठंड ने दस्तक दे दी। रांची, रमगढ़, गढ़वा, पलामू, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, देवघर, दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, सिलीगुड़ी, जामताड़ा, लोहरदगा, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में कनकनी का प्रकोप है। इन जिलों में सुबह कोहरा छाने लगा है। किसानों को धान और सब्जियों की फसल सूखने का डर सता रहा। एक किसान ने बताया, “पिछले साल भी ठंड से नुकसान हुआ। अब फिर वही डर।” झारखंड में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर स्वास्थ्य पर भी दिख रहा। सर्दी-जुकाम के केस बढ़ गए हैं।
झारखंड में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर: सावधानियां और राहत उपाय
मौसम विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, घरों को बंद रखने और धुंए से बचने की सलाह दी। अलाव जलाना ठीक है, लेकिन प्रदूषण न फैलाएं। स्वास्थ्य विभाग ने दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई हैं। अगर बुखार हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। सरकार ने गरीब परिवारों को कंबल बांटने का ऐलान किया। स्कूलों में छुट्टी की संभावना है। विशेषज्ञों ने कहा, “गर्म पानी पिएं, विटामिन सी वाली चीजें खाएं।” झारखंड में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर दिसंबर तक रहेगा। लोग सतर्क रहें।



