Jharkhand Crime: कुमारडुंगी में 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म, चार आरोपी गिरफ्तार
झारखंड के कुमारडुंगी में 13 साल की बच्ची से गैंगरेप, 4 स्थानीय आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट में केस दर्ज

Jharkhand Crime: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चार दरिंदों ने एक 13 साल की मासूम बच्ची के साथ पूरी रात सामूहिक बलात्कार किया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी गांव में यह शर्मनाक घटना हुई। पुलिस के अनुसार, 13 साल की एक नाबालिग लड़की अपने घर के पास खेल रही थी, जब चार लोगों ने उसे अगवा कर लिया। ये चारों आरोपी उसे एक सुनसान जगह पर ले गए और रात भर उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
जांच में खुलासा , आरोपी स्थानीय निवासी
पुलिस को इस घटना की जानकारी तब मिली, जब पीड़िता के परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर कुछ घंटों के भीतर चारों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ कि सभी आरोपी स्थानीय निवासी हैं और उनकी आयु 20 से 25 वर्ष के बीच है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी कदम
पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376D (सामूहिक बलात्कार) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों को जल्द से जल्द अदालत में पेश किया जाएगा और इस मामले में सख्त से सख्त सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
समाज में आक्रोश और मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। गांव वालों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में आवाज उठाई है और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा के लिए बेहतर कदम उठाने की मांग की है। लोग चाहते हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन सख्त कानून लागू करे।
पीड़िता की स्थिति और सहायता
पीड़िता को अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत स्थिर है, लेकिन वह मानसिक रूप से काफी आहत है। प्रशासन ने पीड़िता और उसके परिवार को हर संभव सहायता देने का वादा किया है। साथ ही, काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि बच्ची इस सदमे से उबर सके।