
Jharkhand Crime News: झारखंड में बड़ा GST घोटाला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में छापेमारी की और 27 लाख रुपये नकद जब्त किए। यह घोटाला करीब 800 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। ED ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में 8 जगहों पर रेड मारी। इसमें रांची, जमशेदपुर, सरायकेला, धनबाद, हावड़ा और नवी मुंबई शामिल हैं। छापेमारी 7 और 8 अगस्त को हुई। ED ने कई दस्तावेज, बैंक खाते की जानकारी और GST से जुड़े कागज भी जब्त किए। यह कार्रवाई शिव देवड़ा नाम के व्यक्ति से जुड़ी है, जो घोटाले का मुख्य आरोपी है।
ED की ताबड़तोड़ रेड, कहां-कहां पड़े छापे और क्या मिला?
ED ने इस बड़े GST घोटाले को रोकने के लिए तेज कार्रवाई की। रांची में श्याम ठक्कर के घर से 12 लाख रुपये नकद मिले। जमशेदपुर में ज्ञान चंद्र जैसवाल के ठिकाने से 15 लाख रुपये जब्त हुए। ये दोनों कारोबारी शिव देवड़ा से जुड़े हैं। ED को तकनीकी सबूत भी हाथ लगे, जैसे कंप्यूटर फाइलें और GST इनपुट की जानकारी। छापेमारी में कुल 27 लाख कैश का ढेर मिला। ED का कहना है कि यह घोटाला फर्जी बिलों से हुआ, जहां लोग GST क्रेडिट का गलत फायदा उठाते थे।
घोटाले का मास्टरमाइंड शिव देवड़ा, कैसे चला फर्जीवाड़ा?
शिव देवड़ा को इस 800 करोड़ के GST घोटाले का सरगना माना जा रहा है। वह पहले से ED की जांच में है और गिरफ्तार भी हो चुका है। घोटाले में 135 फर्जी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां फेक इनवॉइस बनाकर GST का पैसा चुराती थीं। इससे सरकार को 30 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। देवड़ा के साथ जुड़े कारोबारी अब ED के निशाने पर हैं। ED की जांच से पता चला कि यह सिंडिकेट लंबे समय से चल रहा था। झारखंड में यह सबसे बड़ा GST फ्रॉड माना जा रहा है। ED अब पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रही है।
क्या होगा आगे, ED की अगली योजना और लोगों पर असर
ED की यह रेड झारखंड में GST चोरी रोकने का बड़ा कदम है। अब आरोपी कारोबारियों से पूछताछ होगी। अगर और सबूत मिले, तो और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सरकार GST सिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। आम लोग समझें कि GST चोरी से देश का पैसा बर्बाद होता है। यह घोटाला छोटे कारोबारियों के लिए सबक है कि ईमानदारी से काम करें। ED की कार्रवाई से उम्मीद है कि ऐसे फर्जीवाड़े रुकेंगे। कुल मिलाकर, यह मामला झारखंड की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।