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मुत्ताकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस: महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक, एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय घोषणाएँ

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्ताकी के भारत दौरे के दौरान शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को महिलाओं की एंट्री पर रोक लगाने के फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया। मुत्ताकी इस सप्ताह भारत के आठ-दिवसीय दौरे पर आए हैं और इससे पहले वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी मिले — दोनों नेताओं ने व्यापार, मानवीय मदद और सुरक्षा सहयोग जैसे मसलों पर चर्चा की तथा काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को दूतावास स्तर पर उन्नत करने की भारत की घोषणा को स्वागत किया।

महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक

दिल्ली स्थित अफगानिस्तान मिशन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजकों ने महिला पत्रकारों को प्रवेश नहीं दिया। कई महिला पत्रकारों ने बताया कि वे निर्धारित ड्रेस-कोड का पालन कर रही थीं, बावजूद इसके उन्हें भीतर नहीं जाने दिया गया। इस घटना का विरोध मीडिया और सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैला और कई पत्रकारों व यूज़र्स ने इस फैसले पर निन्दा की। कुछ ने कहा कि यह निर्णय भारत में आयोजित प्रेस मीट के मानकों के अनुरूप नहीं था और महिला पत्रकारों के साथ भेदभाव का प्रतीक माना गया।

मुत्ताकी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में निम्न अहम बातें सामने आईं, भारत ने काबुल स्थित तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा देने की घोषणा की; इस फैसले का मुत्ताकी ने स्वागत किया।

भारत ने अफगानिस्तान को 20 एम्बुलेंस उपहार, अस्पतालों के लिए एमआरआई/सीटी-स्कैन और टीकाकरण सहयोग सहित मानवीय तथा चिकित्सा सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई।

दोनों पक्षों ने कहा कि अफगान धरती का उपयोग किसी भी अन्य देश के विरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जाहिर की।

मुत्ताकी ने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि अफगानिस्तान किसी भी उग्रवादी संगठन को अपनी जमीन पर पनाह नहीं देगा और उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा तथा जैश-ए-मोहम्मद जैसे दुष्प्रवर्तनकारी समूहों का स्पष्ट खंडन किया।

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महिला पत्रकारों को रोकने का कदम भारत में व्यापक आलोचना का विषय बना। कई मीडिया संगठनों ने आयोजन के प्रोटोकॉल और निष्पक्ष कवरेज पर सवाल उठाए। वहीं कूटनीतिक मोर्चे पर मुत्ताकी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग और मानवीय मदद के ऐलान के रूप में देखी जा रही है।

Vaibhav tiwari
Author: Vaibhav tiwari

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