
Jharkhand Liquor Scam: झारखंड में हुए बड़े शराब घोटाले के दो मुख्य आरोपी अब छत्तीसगढ़ पुलिस के निशाने पर हैं। ये आरोपी अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा हैं, जो श्री ओम साई बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक पद पर कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस इन दोनों को एक अन्य मामले में पेश करने के लिए अपने यहाँ ले जाना चाहती है, परंतु अभी तक दो बार की गई पुलिस की कोशिश सफल नहीं हो पाई है।। पुलिस अब तीसरी बार कोशिश करने की तैयारी में है। इस घोटाले से सरकार को 77 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 7 जुलाई 2025 को अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा को गिरफ्तार किया था। ये दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। गिरफ्तारी के बाद से वे रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, होटवार में बंद हैं। इस घोटाले में कुल 12 आरोपी हैं, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सीनियर आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे भी शामिल हैं। एक आरोपी को जमानत मिल चुकी है। एक अन्य आरोपी छत्तीसगढ़ की जेल में बंद है, जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रिमांड लिया गया था।
छत्तीसगढ़ पुलिस की कोशिशें
छत्तीसगढ़ पुलिस ने एसीबी कोर्ट में दो बार आवेदन दिया कि इन आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर ले जाया जाए। लेकिन झारखंड एसीबी ने इसका विरोध किया। एसीबी का कहना है कि आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही पेश किया जा सकता है, उन्हें शारीरिक रूप से ले जाने की जरूरत नहीं है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस फिर से कोर्ट जाएगी। हालांकि, पुलिस द्वारा इन दोनों को व्यक्तिगत तौर पर हिरासत में लेने की मंशा के पीछे का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है।
घोटाले की जांच और आरोपी
यह शराब घोटाला झारखंड में अवैध शराब की सप्लाई, अधिकारियों को कमीशन और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। आरोपी कंपनी के निदेशक होने के कारण इन पर बड़ा आरोप है। दोनों ने 10 जुलाई 2025 को जमानत की अर्जी दी थी, जिस पर सुनवाई चल रही है। जांच में पता चला है कि घोटाले का कनेक्शन छत्तीसगढ़ से भी है, क्योंकि आरोपी वहां के हैं और एक आरोपी वहां की जेल में है।
आगे क्या होगा?
अगर छत्तीसगढ़ पुलिस सफल हुई तो आरोपी वहां ले जाए जा सकते हैं। लेकिन झारखंड एसीबी इसे रोकने की कोशिश कर रही है। इस मामले से साफ है कि शराब घोटाला सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्य से भी जुड़ा हुआ है। सरकार और पुलिस दोनों राज्यों में सख्त कार्रवाई कर रही हैं ताकि ऐसे घोटाले रुक सकें। लोगों को उम्मीद है कि सभी आरोपी सजा पाएं और सरकारी पैसे की हिफाजत हो।