Jharkhand News: रांची – झारखंड की राजधानी रांची में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नगर निगम की सख्त कार्रवाई जारी है। गुरुवार को डोरंडा बाजार में नगर निगम ने वर्षों से जमे अतिक्रमणकारियों पर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की। सुबह से शाम तक चले इस व्यापक अभियान में लगभग 500 अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाए गए। यह कार्रवाई रांची में अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
चौंकाने वाला खुलासा: 75 फीट सड़क सिकुड़कर रह गई थी 25 फीट

अभियान के दौरान सामने आया चौंकाने वाला तथ्य यह है कि डोरंडा बाजार की सड़क की वास्तविक चौड़ाई लगभग 75 फीट थी, परंतु दशकों से जारी अतिक्रमण ने इसे घटाकर मात्र 25 फीट कर दिया था। यह अर्थ है कि सड़क की लगभग दो-तिहाई चौड़ाई पर अवैध कब्जा था। 50 फीट तक की जगह पर अनधिकृत निर्माण और दुकानें स्थापित कर दी गई थीं।
यही कारण था कि त्योहारों और बाजार के दिनों में इस क्षेत्र से गुजरना अत्यंत कठिन हो जाता था। प्रतिदिन हजारों लोग जिस सड़क से गुजरते हैं, वहां निरंतर यातायात जाम की स्थिति बनी रहती थी। पैदल चलने वालों को भी भीड़ और संकरी जगह के कारण काफी परेशानी होती थी।
Jharkhand News:भारी पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई
नगर निगम ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी विरोध या हंगामा कार्रवाई को बाधित न कर सके, व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। भारी पुलिस बल, यातायात पुलिस और निगम की प्रवर्तन टीम की उपस्थिति में यह कार्रवाई संपन्न की गई। इस सुरक्षा व्यवस्था के कारण विरोध और हंगामे की कोई भी कोशिश सफल नहीं हो सकी।
जेसीबी मशीनें और बुलडोजर सुबह से ही कार्य में लगा दिए गए थे। निगम के अधिकारियों की निगरानी में व्यवस्थित तरीके से एक-एक अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटाया गया। यह कार्रवाई सुबह से शुरू होकर शाम तक निरंतर जारी रही।
पूर्व चेतावनी के बावजूद नहीं हटाया अतिक्रमण
नगर निगम ने इस कार्रवाई से पूर्व संपूर्ण प्रक्रिया का पालन किया था। डोरंडा बाजार में माइकिंग के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी गई थी। अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्ट रूप से कहा गया था कि गुरुवार से पूर्व स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा निगम बलपूर्वक हटाएगा।
इसके बावजूद अधिकांश अतिक्रमणकारियों ने चेतावनी को नजरअंदाज किया और अपने अवैध निर्माण नहीं हटाए। परिणामस्वरूप उन्हें इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा और उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण जबरन ध्वस्त कर दिए गए।
हंगामा और भेदभाव के आरोप
अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा किया और आरोप लगाए कि केवल छोटे दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है जबकि बड़ी दुकानों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। विशेष रूप से रसिकलाल मिठाई दुकान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वहां कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर उपस्थित अमीन ने तत्काल जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि अतिक्रमित नहीं थी। हालांकि आसपास की नाली और सड़क पर किए गए सभी अवैध कब्जों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया। निगम ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा और सभी अवैध अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई की जा रही है।
स्वयं सामान समेटने लगे दुकानदार
कार्रवाई आरंभ होने के पश्चात भी कई लोग दुकानदारी करते रहे। परंतु जैसे-जैसे अतिक्रमण हटाने का दायरा बढ़ा और प्रशासन की सख्ती स्पष्ट हुई, लोग स्वयं ही अपना सामान समेटकर हटने लगे। प्रशासन की दृढ़ता देखकर कई अतिक्रमणकारियों ने अपने अस्थायी ढांचे स्वयं हटा लिए।
सुबह से शाम तक चले इस अभियान के दौरान डोरंडा चौक से सटे मार्गों को अवरुद्ध कर कार्रवाई की गई। इससे क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि यह अस्थायी असुविधा दीर्घकालिक समाधान के लिए आवश्यक थी।
नगर निगम का आक्रामक अभियान
नगर निगम अब अतिक्रमण के विरुद्ध पूर्णतः सख्त और आक्रामक मोड में दिखाई दे रहा है। पिछले कई दिनों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हाईकोर्ट क्षेत्र से लेकर डोरंडा चौक और अन्य प्रमुख स्थानों में भी इसी प्रकार अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।
निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और किसी भी प्रकार के दबाव या विरोध के समक्ष झुकने का प्रश्न ही नहीं है। यह संदेश सभी अतिक्रमणकारियों के लिए चेतावनी है।
स्थानीय लोगों का समर्थन
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है। उनका कहना है कि अतिक्रमण के कारण न केवल यातायात जाम लगता था बल्कि असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा रहता था। सड़क चौड़ी होने से अब यातायात सुचारू होगा और क्षेत्र में व्यवस्था बेहतर होगी।



