Jharkhand News: झारखंड में आरा मिल लगाने की दूरी 100 मीटर हो, पंजाब जैसा नियम लाने की मांग
Jharkhand News, चैंबर ने सरकार से जंगल से 100 मीटर दूरी की मंजूरी की अपील की

Jharkhand News: झारखंड में आरा मिलों के लिए नए नियम बनाने की बात हो रही है। चैंबर ने सरकार से कहा है कि पंजाब की तरह यहां भी आरा मिल जंगल से सिर्फ 100 मीटर दूर लगाने की इजाजत दी जाए। इससे पुरानी मिलों को बचाया जा सकेगा और गैरकानूनी काम रुकेंगे। यह मांग रांची में हुई एक बैठक में उठी है।
चैंबर की बैठक में क्या हुआ?
बुधवार को रांची के चैंबर भवन में आरा मिल और लकड़ी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों की बैठक हुई। बैठक की अगुवाई तुलसी पटेल ने की। राज्य भर से व्यापारी आए थे। उन्होंने पुरानी समस्याओं पर बात की।
1996 से पहले जंगल के 5 किलोमीटर के अंदर चल रही आरा मिलों को नियमित करने का प्रस्ताव वन विभाग ने दिया था। लेकिन अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। व्यापारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि लोगों के हित में इस दूरी को कम किया जा सकता है।
बंद मिलों को फिर से शुरू करने की अपील
चैंबर ने वन सचिव से बंद आरा मिलों को फिर से चलाने की गुजारिश की थी। सचिव ने मुख्य वन संरक्षक से राय मांगी है। 17 जुलाई को वन विभाग की बैठक में चैंबर ने सुझाव दिया कि झारखंड में आरा मिल की दूरी 100 मीटर कर दी जाए।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
व्यापारियों का कहना है कि 5 किलोमीटर की सख्ती से पुरानी मिलें बंद हो रही हैं। इससे अवैध लकड़ी कटाई बढ़ रही है। अगर नियम आसान होंगे, तो कानूनी कारोबार बढ़ेगा और रोजगार मिलेगा। पंजाब में यह नियम पहले से चल रहा है, जो अच्छा काम कर रहा है।
अगला कदम क्या?
चैंबर अब सरकार से इस पर जल्द फैसला लेने की मांग कर रहा है। इससे झारखंड के लकड़ी कारोबार को फायदा होगा। राज्य में हजारों लोग इस काम से जुड़े हैं।