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Women Health News: गर्भाशय निकलवाने के साइड इफेक्ट्स, हार्मोनल बदलाव से मूड स्विंग्स तक, जानें पूरी सच्चाई

Women Health News: कई महिलाओं को फाइब्रॉइड, भारी ब्लीडिंग, एंडोमेट्रियोसिस या कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं के कारण गर्भाशय (हिस्टेरेक्टॉमी) निकलवाना पड़ता है। डॉक्टर इसे आखिरी विकल्प बताते हैं, लेकिन सर्जरी के बाद शरीर और मन पर कई बदलाव आते हैं। कुछ महिलाओं में ये बदलाव हल्के होते हैं तो कुछ को लंबे समय तक परेशानी रहती है। आज हम बताएंगे कि गर्भाशय निकलवाने से क्या-क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं और इन्हें कैसे कम किया जा सकता है।

1. हार्मोनल बदलाव और अचानक मेनोपॉज

अगर ओवरी भी साथ में निकाल दी जाती हैं (हिस्टेरेक्टॉमी विद बाइलेटरल सैल्पिंगो-ओफोरेक्टॉमी), तो एस्ट्रोजन हार्मोन एकदम बंद हो जाता है। इससे 35-40 साल की महिलाओं में भी अचानक मेनोपॉज आ जाता है।
लक्षण: गर्मी की लहरें (हॉट फ्लैशेस), रात में पसीना, योनि में सूखापन, सेक्स में दर्द, नींद न आना।
उपाय: डॉक्टर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) देते हैं। पैच, टैबलेट या जैल के रूप में एस्ट्रोजन दिया जाता है।

2. मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन

हार्मोन में उतार-चढ़ाव से दिमाग पर असर पड़ता है। सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे खुशी के हार्मोन कम हो जाते हैं।
लक्षण: बिना वजह रोना, गुस्सा आना, चिंता बढ़ना, आत्मविश्वास कम होना।
उपाय: योग, मेडिटेशन, थेरेपी और जरूरत पड़े तो एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं। परिवार का साथ बहुत जरूरी है।

3. हड्डियां कमजोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा)

एस्ट्रोजन की कमी से हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। 5-7 साल में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
उपाय: कैल्शियम और विटामिन D की गोली, वेट बेयरिंग एक्सरसाइज (वॉकिंग, सीढ़ी चढ़ना), दूध-दही ज्यादा लें।

4. दिल की बीमारियों का खतरा

एस्ट्रोजन दिल की रक्षा करता है। उसकी कमी से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और हार्ट अटैक का रिस्क 2-3 गुना हो जाता है।
उपाय: कम तेल-मसाले वाला खाना, रोज 30 मिनट वॉक, वजन कंट्रोल, ब्लड प्रेशर और शुगर चेक कराते रहें।

5. पेशाब और सेक्सुअल हेल्थ पर असर

गर्भाशय निकलने से पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर हो सकती हैं।
लक्षण: बार-बार पेशाब जाना, लीकेज, सेक्स में दर्द या इच्छा कम होना।
उपाय: केगल एक्सरसाइज रोज करें, योनि में मॉइश्चराइजर क्रीम लगाएं, सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह लें।

6. वजन बढ़ना और थकान

मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और थायरॉइड की दिक्कत भी हो सकती है।
उपाय: संतुलित डाइट, प्रोटीन ज्यादा लें, रोज व्यायाम करें।

90% महिलाएं सर्जरी के 6-8 हफ्ते बाद नॉर्मल लाइफ में लौट आती हैं। अगर सिर्फ गर्भाशय निकाला गया हो (ओवरी बची हों) तो मेनोपॉज अपने समय पर आएगा और साइड इफेक्ट्स बहुत कम होंगे। अगर आपको हिस्टेरेक्टॉमी करवाना पड़ रहा है तो घबराएं नहीं। डॉक्टर से पूरी बात करें, सेकंड ओपिनियन लें और सर्जरी के बाद नियमित फॉलो-अप करवाते रहें।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

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