Jharkhand News: झारखंड में वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण शुरू, केंद्रीय पोर्टल पर होंगी सभी संपत्तियां दर्ज
झारखंड वक्फ बोर्ड की संपत्तियां डिजिटल होंगी, 2025 तक पूरा होगा कार्य, पारदर्शिता और प्रबंधन बेहतर होगा।

Jharkhand News: झारखंड राज्य में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को अब डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड किया जा रहा है। केंद्र सरकार के आदेश पर यह काम 2025 तक पूरा होगा। राज्य वक्फ बोर्ड ने इस काम के लिए अलग-अलग चरणों में तारीखें तय की हैं। इससे संपत्तियों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी और उनका प्रबंधन बेहतर होगा।
योजना की शुरुआत और महत्व
यह योजना वक्फ संपत्तियों को एक केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने की है। झारखंड वक्फ बोर्ड के सीईओ मुमताज अली अहमद ने बताया कि बोर्ड की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। कुल 155 पंजीकृत वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर डाला जाएगा। यह काम चरणों में होगा ताकि सब कुछ व्यवस्थित रहे। केंद्र सरकार का यह कदम पूरे देश में वक्फ संपत्तियों को डिजिटल बनाने का हिस्सा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत इस्तेमाल रुकेगा।
पहले चरण में इन जिलों की बारी
पहला चरण 25 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेगा। इसमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिले की वक्फ संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी। बोर्ड के अधिकारी इस काम को तेजी से कर रहे हैं ताकि समय पर पूरा हो।
दूसरे और तीसरे चरण की जानकारी
दूसरा चरण 8 से 13 सितंबर तक होगा। इसमें हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, गिरिडीह और चतरा जिले शामिल हैं। तीसरा चरण 23 से 27 सितंबर तक चलेगा, जिसमें गढ़वा, पलामू और लातेहार की संपत्तियां दर्ज होंगी। ये चरण जिलों को समूह में बांटकर बनाए गए हैं ताकि काम आसान हो।
चौथा चरण और पूरा होने की उम्मीद
चौथा और आखिरी चरण 6 से 11 अक्टूबर तक होगा। इसमें देवघर, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, जामताड़ा और गोड्डा जिले की संपत्तियां पोर्टल पर आएंगी। बोर्ड का कहना है कि इससे सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर आसानी से देखा जा सकेगा।
इस योजना के फायदे
डिजिटलीकरण से वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने में मदद मिलेगी। लोग ऑनलाइन देख सकेंगे कि कौन सी संपत्ति वक्फ की है। इससे बोर्ड को आय बढ़ाने और गरीबों की मदद करने में आसानी होगी। झारखंड के मुस्लिम समुदाय को इससे काफी लाभ होगा क्योंकि संपत्तियों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होगा। केंद्र सरकार की यह पहल पूरे देश में वक्फ प्रबंधन को मजबूत बनाएगी।