Jharkhand News: झारखंड सरकार ने केंद्र पर बड़ा आरोप लगाया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र ने 28 हजार करोड़ रुपये का बकाया नहीं दिया। इसी वजह से अब हेमंत सोरेन सरकार विकास के लिए 16,800 करोड़ रुपये का लोन लेगी। विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करते हुए उन्होंने केंद्र के सौतेले व्यवहार की बात कही। बजट पास हो गया, जिसमें महिलाओं और सड़कों पर खास जोर है।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर केंद्र का बकाया मिल जाता तो 65 लाख उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं को 450 रुपये प्रति सिलेंडर की मदद मिल जाती। केंद्र को योजना मद में 47 हजार करोड़ देने थे, लेकिन 30 नवंबर तक सिर्फ 30,971 करोड़ मिले। दूसरे मद में 17 हजार करोड़ में से महज 4,800 करोड़ ही आए। पेंशन मद में भी 132 करोड़ बकाया है। कुल मिलाकर 28,863.64 करोड़ रुपये अटके हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर खर्च पर कंट्रोल रखा जा रहा है, लेकिन विकास रोकना मुमकिन नहीं।
केंद्र पर सौतेला व्यवहार का आरोप
राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में कहा, “केंद्र झारखंड को दबा रहा है। अगर बकाया राशि आ जाती तो उज्ज्वला योजना के तहत लाखों परिवारों को राहत मिलती।” उन्होंने जोर दिया कि योजना मद में कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। अनुपूरक बजट से सब ठीक हो जाएगा। स्थापना मद में 966.64 करोड़ का बोझ है, लेकिन अतिरिक्त संसाधनों से साल के अंत तक इसे दूर कर लिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य का खजाना खाली नहीं है। नवंबर तक सभी का वेतन दे दिया गया। कुल 91 हजार करोड़ के खर्च में 13 हजार करोड़ मंईयां सम्मान योजना पर गए, बाकी 78 हजार करोड़ अन्य कामों पर।
महिलाओं और सड़कों पर खास फोकस
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7,721.25 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट मंजूर हो गया। इसमें सबसे ज्यादा 2,082.25 करोड़ महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग को मिले। यह राशि मुख्य रूप से मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्ध योजना के लिए है। सड़क और पुलों पर भी ध्यान दिया गया। नई सड़कों के लिए 300 करोड़, नए पुलों के लिए 100 करोड़ और सीएम ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 400 करोड़ की व्यवस्था की गई। वित्त मंत्री ने कहा कि लोन से राज्य का विकास तेज होगा। केंद्र के बकाये के बावजूद सरकार योजनाओं को नहीं रोकेगी। यह कदम झारखंड के लोगों के हित में है। अधिक अपडेट के लिए जुड़े रहें।



