Jharkhand News: झारखण्ड में अगले तीन साल तक नहीं खुलेंगे नए लॉ कॉलेज, जानें कारण
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शिक्षा स्तर सुधार के लिए लगाया रोक, कॉलेजों को सुविधाएं बढ़ानी होंगी

Jharkhand News: झारखंड में अगले तीन साल तक कोई नया लॉ कॉलेज नहीं खोला जाएगा। यह फैसला बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने लिया है। इसकी वजह मौजूदा लॉ कॉलेजों में खराब पढ़ाई और सुविधाओं की कमी है। यह कदम झारखंड में कानून की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। इससे छात्रों को अच्छी शिक्षा और नौकरी के मौके मिलने की उम्मीद है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
BCI ने हाल में झारखंड के लॉ कॉलेजों की जांच की। इसमें पाया गया कि कई कॉलेजों में शिक्षक, लाइब्रेरी और क्लासरूम की कमी है। कुछ कॉलेज नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। BCI का कहना है कि नए कॉलेज खोलने से पहले पुराने कॉलेजों को बेहतर करना जरूरी है। इसलिए अगले तीन साल तक नए लॉ कॉलेज खोलने पर रोक लगाई गई है। यह फैसला 2025 से 2028 तक लागू रहेगा।
Jharkhand News: मौजूदा कॉलेजों पर क्या असर?
झारखंड में अभी 28 लॉ कॉलेज हैं, जिनमें से 18 निजी और 6 सरकारी हैं। इन कॉलेजों को अब अपनी पढ़ाई और सुविधाएं सुधारनी होंगी। BCI ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कॉलेजों को शिक्षकों की भर्ती, लाइब्रेरी में किताबें और मूट कोर्ट जैसी सुविधाएं बढ़ानी होंगी। अगर कॉलेज नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो उनकी मान्यता रद्द हो सकती है। इससे छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
जानें क्या है लोगों की प्रतिक्रिया?
इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों में मिश्रित प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इसे अच्छा कदम मान रहे हैं, क्योंकि इससे लॉ की पढ़ाई का स्तर सुधरेगा। लेकिन कुछ का कहना है कि नए कॉलेजों की कमी से सीटें कम हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में फायदेमंद होगा। लोग चाहते हैं कि सरकार और BCI मिलकर कॉलेजों की गुणवत्ता पर और ध्यान दें।