Jharkhand News: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति उम्मीदवार वेंकैया राधाकृष्णन का झारखंड से खास रिश्ता है। दोनों का जन्म और पालन-पोषण झारखंड की मिट्टी में हुआ। यह रिश्ता झारखंड के लोगों के लिए गर्व का विषय है। द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं, और राधाकृष्णन भी झारखंड के गौरव को बढ़ा रहे हैं।
द्रौपदी मुर्मू का झारखंड से नाता
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जन्म मयूरभंज, ओडिशा में हुआ, लेकिन उनका गहरा रिश्ता झारखंड से है। वे रांची में लंबे समय तक रहीं और यहाँ की संस्कृति, भाषा और आदिवासी समुदाय से जुड़ी रहीं। उन्होंने झारखंड में शिक्षिका के रूप में काम किया और फिर राजनीति में कदम रखा। 2000 से 2004 तक वे झारखंड की विधायक रहीं और बाद में राज्यपाल बनीं। उनकी सादगी और मेहनत ने उन्हें देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनाया।
राधाकृष्णन और झारखंड की जड़ें
उपराष्ट्रपति उम्मीदवार वेंकैया राधाकृष्णन का भी झारखंड से गहरा रिश्ता है। उनका जन्म और पालन-पोषण झारखंड में हुआ। वे आदिवासी समुदाय से आते हैं और उनकी मेहनत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। राधाकृष्णन ने झारखंड के विकास के लिए कई योजनाओं में योगदान दिया है। उनकी सादगी और समर्पण झारखंड के लोगों के लिए प्रेरणा है। उपराष्ट्रपति चुनाव में उनकी उम्मीदवारी ने झारखंड का नाम फिर से ऊंचा किया है।
Jharkhand News: झारखंड के लिए गर्व का पल
द्रौपदी मुर्मू और राधाकृष्णन का एक साथ देश के शीर्ष पदों से जुड़ना झारखंड के लिए ऐतिहासिक है। स्थानीय लोग इसे अपनी मिट्टी की ताकत मानते हैं। दोनों नेताओं ने आदिवासी समुदाय और झारखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया। लोग चाहते हैं कि इनके नेतृत्व में झारखंड का विकास और तेज हो।



