रविवार, 8 नवंबर 2026
लाइव देखें
हॉट टॉपिक्स
ब्रेकिंग

Bihar News: श्रवण-श्रुति पहल से बदल रही बिहार के लोगों की जिंदगी, पढ़ें पूरी जानकारी

मुख्य बातें

  • श्रवण-श्रुति पहल क्या है?
  • गया से हुई शुरुआत
  • पटना के सभी 23 प्रखंडों में विस्तार
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
19 अगस्त 2025
Bihar News
Bihar News

Bihar News: बिहार में “श्रवण-श्रुति” कार्यक्रम सुनने और बोलने में दिक्कत वाले बच्चों के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। यह पहल छोटे बच्चों में सुनने की कमी की जल्दी पहचान, जांच, इलाज, हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट और स्पीच थेरेपी पर केंद्रित है। गया जिले में शुरू हुआ यह मॉडल अब राजधानी पटना के सभी प्रखंडों तक पहुंच चुका है। यह खबर बिहार में बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में एक अहम कदम है। आइए जानते हैं यह कार्यक्रम क्या है, कैसे काम करता है और अब तक इसके क्या नतीजे रहे हैं।

श्रवण-श्रुति पहल क्या है?

श्रवण-श्रुति एक जिला-स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जिसे बिहार में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें केंद्र और राज्य की कई योजनाओं को जोड़ा गया है, जैसे दिव्यांगजनों को उपकरण देने वाली ADIP योजना, बच्चों की स्वास्थ्य जांच वाला राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK), आंगनबाड़ी व्यवस्था (ICDS) और राज्य की “सक्षम” योजना। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य टीमों की मदद से बच्चों की स्क्रीनिंग होती है। जिन बच्चों में सुनने की कमी की आशंका होती है, उनकी BERA जैसी विशेष जांच कराई जाती है और जरूरत के अनुसार हियरिंग एड या कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कराई जाती है।

गया से हुई शुरुआत

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्टों के अनुसार यह कार्यक्रम 1 अप्रैल 2021 को गया जिले में तत्कालीन जिलाधिकारी त्यागराजन एस.एम. की पहल पर शुरू हुआ था। गया में इसके नतीजे उल्लेखनीय रहे:

  • 2,659 आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए करीब 4.25 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग हुई।
  • जरूरतमंद बच्चों की BERA जांच कराई गई।
  • 70 बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट हुआ और बड़ी संख्या में बच्चों को हियरिंग एड दिए गए।
  • इलाज और थेरेपी के बाद 1,800 से अधिक बच्चे बोलने लगे।

इस मॉडल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बेहतरीन कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिस) वाले राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए भी चुना गया।

पटना के सभी 23 प्रखंडों में विस्तार

दानापुर और फुलवारीशरीफ में पायलट के बाद अगस्त 2025 में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना के ज्ञान भवन में पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों के लिए श्रवण-श्रुति कार्यक्रम की शुरुआत की। दैनिक जागरण के अनुसार इसका मकसद मूक-बधिर बच्चों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर इलाज देना है। इसके बाद की रिपोर्टों में बताया गया कि पटना में जुलाई से नवंबर 2025 के बीच 66 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग हुई और कई बच्चों की सर्जरी कराई गई। नवजात शिशुओं की सुनने की जांच को भी अनिवार्य करने की दिशा में कदम उठाए गए।

लोगों की जिंदगी पर असर

सुनने में कमी वाले बच्चे अक्सर बोलना भी नहीं सीख पाते, क्योंकि भाषा सीखने के लिए आवाज सुनना जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार अगर यह समस्या कम उम्र में पकड़ में आ जाए और जल्दी इलाज हो, तो बच्चा सामान्य रूप से बोलना सीख सकता है, स्कूल जा सकता है और समाज में बराबरी से हिस्सा ले सकता है। कॉक्लियर इम्प्लांट जैसी महंगी सर्जरी गरीब परिवारों की पहुंच से बाहर होती है। सरकारी योजनाओं के तालमेल से यह सुविधा मुफ्त मिलने से ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

Bihar News: भविष्य की योजना और अपील

गया और पटना के अनुभव के बाद इस मॉडल को दूसरे जिलों में भी अपनाने की बात हो रही है। अभिभावक अगर देखें कि बच्चा आवाज पर प्रतिक्रिया नहीं देता, नाम पुकारने पर नहीं मुड़ता या उम्र के हिसाब से बोलना शुरू नहीं करता, तो उन्हें नजदीकी आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच ही इस समस्या का सबसे बड़ा इलाज है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

श्रवण-श्रुति कार्यक्रम कब और कहां शुरू हुआ?

1 अप्रैल 2021 को गया जिले में।

पटना में यह कार्यक्रम कब शुरू हुआ?

पायलट के बाद अगस्त 2025 में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना जिले के सभी 23 प्रखंडों के लिए इसकी शुरुआत की।

इसमें क्या सुविधाएं मिलती हैं?

स्क्रीनिंग, BERA जांच, हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी और स्पीच थेरेपी।

बच्चे की जांच के लिए कहां संपर्क करें?

नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

कवरेज: Sanjna Gupta, News Media Kiran

Sanjna Gupta

Sanjana GuptaHindi Content Writer | New Media KiranSanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *