Lemon Storage Hacks: किचन में नींबू रोज काम आता है। दाल में खटास के लिए, सलाद में स्वाद बढ़ाने के लिए या सफाई के छोटे कामों में इसकी जरूरत पड़ती है। दिक्कत तब होती है जब पूरा नींबू एक बार में खर्च नहीं होता। आधा काटकर काम चल जाता है और बचा टुकड़ा फ्रिज या कटोरी में पड़ा रह जाता है।
अगले दिन वही टुकड़ा ऊपर से कड़ा, सूखा और रस रहित दिखता है। निचोड़ना मुश्किल हो जाता है और आखिर में उसे फेंकना पड़ता है। घरों में यह छोटी बर्बादी बार बार दोहराई जाती है। सही तरीके से रखने पर आधा इस्तेमाल किया नींबू कई दिनों तक जूसी रह सकता है।
नीचे दिए तरीके आम किचन सामान से किए जा सकते हैं। मकसद एक ही है। कटे हिस्से तक हवा न पहुंचे, ताकि रस और नमी अंदर बनी रहे।
आधा काटने के बाद नींबू जल्दी सूख क्यों जाता है
नींबू को बीच से काटते ही भीतरी हिस्सा हवा के संपर्क में आ जाता है। हवा लगने से प्राकृतिक रस और नमी धीरे धीरे उड़ने लगती है। फ्रिज की ठंडी हवा कटी चीजों की नमी सोख लेती है। इसी वजह से कटा नींबू जल्दी सिकुड़कर टाइट हो जाता है।
अगर कटे टुकड़े को लंबे समय तक इस्तेमाल लायक रखना है, तो सबसे जरूरी बात यही है कि खुले हिस्से तक हवा न जाए। बिना ढके कटोरी में छोड़ना या खुला फ्रिज में रखना सूखने को तेज कर देता है। समस्या नींबू की नहीं, रखने के तरीके की है।
रसोई में नींबू सस्ता लगता है, लेकिन रोज आधा फेंकना भी खर्च बढ़ाता है। थोड़ी सावधानी से वही टुकड़ा अगले कई खानों में काम आ सकता है।
पानी की कटोरी में रखने का तरीका कितना काम आता है
कटे नींबू को फ्रेश रखने का सबसे सरल तरीका पानी वाली ट्रिक है। छोटी कटोरी या कांच का गिलास लें। उसमें थोड़ा साफ पानी भरें। नींबू के कटे हिस्से को नीचे की ओर यानी पानी में डुबोकर रखें। फिर बर्तन फ्रिज में रख दें।
पानी की परत कटे हिस्से तक हवा नहीं पहुंचने देती। इससे अंदर की नमी बनी रहती है। इस तरीके से कटा नींबू चार से पांच दिन तक इस्तेमाल लायक रह सकता है। पानी साफ रखना जरूरी है, ताकि स्वाद खराब न हो।
यह तरीका उन घरों के लिए सुविधाजनक है जहां रोज थोड़ा थोड़ा नींबू लगता है। अलग से कोई महंगा डिब्बा नहीं चाहिए। सिर्फ पानी और फ्रिज काफी हैं।
सरसों या नारियल तेल लगाने से क्या फर्क पड़ता है
अगर पानी वाली ट्रिक पसंद नहीं है, तो कुकिंग ऑयल काम आता है। बचे हुए कटे हिस्से पर उंगली से थोड़ा सरसों तेल या नारियल तेल लगाएं। तेल सतह पर पतली परत बना देता है। इससे अंदर का रस बाहर सूखता नहीं और बाहर की हवा अंदर नहीं जाती।
तेल लगाने के बाद टुकड़े को छोटी प्लेट में रखकर फ्रिज में रख दें। अगली बार इस्तेमाल से पहले ऊपर की परत कपड़े से पोंछ लें या पानी से धो लें। यह तरीका उन लोगों के लिए ठीक है जो नींबू को पानी में भिगोना नहीं चाहते।
तेल की मात्रा ज्यादा नहीं रखनी चाहिए। हल्की परत पर्याप्त है। ज्यादा तेल स्वाद बदल सकता है, इसलिए इस्तेमाल से पहले धोना या पोंछना जरूरी है।
फॉयल, रैप या एयरटाइट डिब्बे से कितने दिन टिकता है
हवा कटे नींबू की सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए टुकड़े को एल्युमिनियम फॉयल या क्लिंग रैप में अच्छी तरह लपेटें। ध्यान रहे कि कटा हिस्सा पूरी तरह ढका हो। फॉयल या रैप न हो तो छोटा एयरटाइट डिब्बा भी काम चला सकता है। नींबू बंद करके फ्रिज में रख दें।
इस तरह रखने पर टुकड़ा करीब एक हफ्ते तक फ्रेश और इस्तेमाल लायक रह सकता है। ढकने में कोई दरार रह गई तो हवा घुस जाएगी और सूखना फिर शुरू हो जाएगा। लिहाजा लपेटते समय किनारे अच्छी तरह बंद करें।
एक और घरेलू उपाय भी बताया गया है। काटते समय ऊपर या नीचे का छोटा हिस्सा बच जाए तो उसी छिलके या दूसरे हिस्से को कटे नींबू पर वापस रख दें। टूथपिक से दोनों हिस्सों को जोड़ दें। नींबू अपने ही छिलके से ढक जाता है और हवा अंदर कम जाती है। अलग सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती।
सूखा नींबू फेंकने से पहले क्या किया जा सकता है
फ्रिज में रखा टुकड़ा थोड़ा टाइट और ड्राई दिखे तो भी तुरंत फेंकना जरूरी नहीं। दो सरल उपाय से रस फिर निकल सकता है। पहला, इस्तेमाल से करीब दस मिनट पहले सूखे नींबू को हल्के गर्म पानी में डुबोकर छोड़ दें। दूसरा, नींबू को हथेली के नीचे रखकर काउंटर पर हल्के दबाव के साथ आगे पीछे घुमाएं, जैसे बेलन चलाते हैं।
दोनों तरीकों से अंदर के रेशे नरम पड़ते हैं और रस निकलना आसान हो जाता है। पूरी तरह सड़ चुके या खराब गंध वाले टुकड़े पर यह लागू नहीं होता। बात केवल उन नींबू की है जो सूखकर कड़े हो गए हों, लेकिन खराब न हुए हों।
आधा इस्तेमाल किया नींबू बार बार सूखकर बर्बाद हो जाता है क्योंकि कटा हिस्सा खुला रह जाता है। हवा रोकने वाले ये छोटे उपाय उसी समस्या का हल हैं। पानी में कट साइड नीचे रखना, तेल की पतली परत, फॉयल या डिब्बे में बंद करना और जरूरत पड़ने पर अपने छिलके से ढकना। सूख जाए तो गर्म पानी या हल्की रगड़ से रस निकाला जा सकता है। रोज के किचन में यही सावधानी बर्बादी घटाती है।
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