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Lucknow Film Festival 2026: कल से शुरू होगा सिनेमा और एआई का संगम, दो दिन चलेगा महोत्सव

Lucknow Film Festival 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कल से सिनेमा और नई तकनीक का अनोखा मेल देखने को मिलेगा। लखनऊ फिल्म फेस्टिवल सीजन-4 और इमैजिनेरियम 2026 का आयोजन 23 और 24 अक्टूबर को गोमती नगर स्थित एसआरएस सिनेमा में होगा। अमरेन फाउंडेशन की पहल लखनऊ फिल्म फोरम की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में देश-विदेश की फिल्मों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनीमेशन और गेमिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा। फिल्मकार, कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ और युवा रचनाकार इसमें हिस्सा लेंगे।

Lucknow Film Festival 2026: एआई हैकाथॉन और गेमिंग होंगे खास

इस बार फिल्म फेस्टिवल में सिर्फ फिल्में नहीं दिखाई जाएंगी, बल्कि नई तकनीक पर भी जोर रहेगा। एआई हैकाथॉन, एनीमेशन और गेमिंग से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें फिल्म निर्माण के बदलते तरीकों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। दर्शकों को यह समझने का मौका मिलेगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिनेमा की दुनिया को किस तरह प्रभावित कर रहा है। एनीमेशन और गेमिंग के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए ये सत्र खास मायने रखते हैं। आयोजन का मकसद स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है।

पोलिश एनीमेशन फिल्में और निर्देशकों से संवाद

फेस्टिवल में पोलिश एनीमेशन फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग होगी। दर्शकों को इन फिल्मों के निर्देशकों से ऑनलाइन बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा। इस दौरान फिल्म निर्माण, कहानी कहने की कला और एनीमेशन की तकनीकों पर चर्चा होगी। स्थानीय फिल्मकारों को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा से जुड़ने का मौका मिलेगा। विदेशी फिल्मों के जरिए अलग-अलग संस्कृतियों और कहानी कहने के तरीकों से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

‘रिटर्न ऑफ द जंगल’ के निर्माण की कहानी

महोत्सव में एनीमेशन फिल्मकार वैभव कुमारेश भी शामिल होंगे। वह अपनी फिल्म ‘रिटर्न ऑफ द जंगल’ के निर्माण से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। विशेष मास्टरक्लास में फिल्म बनाने की प्रक्रिया और एनीमेशन की बारीकियों पर चर्चा होगी। यह सत्र खासतौर पर उन युवाओं के लिए उपयोगी होगा जो एनीमेशन और फिल्म निर्माण में करियर बनाना चाहते हैं। मास्टरक्लास के जरिए व्यावहारिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

कला, संस्कृति और समापन

लखनऊ फिल्म फेस्टिवल में फिल्मों के अलावा कला, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से कला और समाज के बीच संवाद को बढ़ावा देना है। डिजिटल माध्यमों से कहानी कहने के नए तरीकों पर भी विचार साझा किए जाएंगे। दो दिवसीय महोत्सव का समापन फिल्म ‘पारो’ की स्क्रीनिंग के साथ होगा। महोत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा और फिल्मकारों व विशेषज्ञों के बीच संवाद के सत्र भी होंगे।

महोत्सव निदेशक रेणुका टंडन के अनुसार, फेस्टिवल का उद्देश्य केवल फिल्मों का प्रदर्शन करना नहीं है। इसके जरिए स्थानीय कलाकारों और युवा फिल्मकारों को बड़े मंच से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन में फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने और नए विचार साझा करने का अवसर मिलेगा। यह महोत्सव लखनऊ के युवाओं के लिए सिनेमा, एनीमेशन और डिजिटल तकनीक की दुनिया को करीब से समझने का मौका होगा।

लखनऊ में इस तरह का आयोजन युवा फिल्मकारों और तकनीक में रुचि रखने वालों के लिए मंच तैयार कर रहा है। एआई और एनीमेशन पर फोकस से यह पारंपरिक फिल्म फेस्टिवल से अलग नजर आता है। दो दिनों में फिल्म स्क्रीनिंग, मास्टरक्लास, हैकाथॉन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मिश्रण देखने को मिलेगा।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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