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Mahindra Thar OG: खरीदने से पहले जानें 3 बड़े फायदे और 2 कमियां

Mahindra Thar OG: महिंद्रा थार OG सितंबर 2026 में लॉन्च हुई। यह तीन दरवाजों वाली एसयूवी का एक साल से कुछ अधिक समय में दूसरा अपडेट है। नए ओजी नाम के साथ डिजाइन इंटीरियर और अंदरूनी हिस्सों में बदलाव किए गए हैं। नए फीचर भी जुड़े हैं।

खरीदने से पहले तीन वजहें पक्ष में हैं और दो वजहें सोचने पर मजबूर करती हैं। ऑफ रोड क्षमता हल्की स्टीयरिंग और बेहतर स्थिरता खरीदने के कारण बताए गए हैं। पीछे की जगह की कमी और हार्ड प्लास्टिक की फिनिश छोड़ने के कारण हैं। लेख लिखे जाने के समय कीमत 10.32 लाख रुपये से 17.75 लाख रुपये एक्स शोरूम बताई गई।

जो ऑफ रोड चाहते हैं उनके लिए 65 लाख रुपये से कम में थार ओजी जैसा विकल्प मिलना मुश्किल बताया गया है। परिवार और लंबी यात्रा वाले खरीदार रियर सीट तथा बूट देखकर रुक सकते हैं। फैसला इस्तेमाल पर निर्भर है गाड़ी की पहचान पर नहीं।

थार OG की ऑफ रोडिंग में क्या नया है?

थार ओजी अब भी बॉडी ऑन फ्रेम एसयूवी है। ऑफ रोड क्षमता को स्नो सैंड और मड टेरेन मोड के साथ बेहतर बताया गया है। ये मोड ईएसपी थ्रॉटल कंट्रोल और स्टीयरिंग इनपुट के साथ काम करते हैं। गंदगी रेत या कीचड़ पर गाड़ी ज्यादा मदद देती है।

इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग डिफरेंशियल का इस्तेमाल अब आसान है। ऑफ रोड प्रेमी के लिए यह व्यावहारिक सुधार है क्योंकि लॉक लगाना जटिल न रहे। तीन दरवाजों वाला ढांचा पक्के रास्ते से हटकर चलने वालों के लिए पहले से जाना पहचाना है। ओजी अपडेट ने उसी ढांचे पर टेरेन मोड जोड़े।

65 लाख रुपये से कम कीमत का जिक्र तुलना के लिए है। मतलब समान ऑफ रोड मकसद वाली कई गाड़ियां महंगी पड़ सकती हैं। थार ओजी इस बजट में उसी वर्ग की पेशकश के रूप में रखी गई है। शहर के अंदर रोज चलाने वाले के लिए यह बिंदु उतना भारी नहीं जितना ट्रेल वाले खरीदार के लिए है।

नए मोड और आसान डिफरेंशियल लॉक अपडेट का मुख्य तकनीकी पक्ष हैं। डिजाइन और फीचर बदले हैं लेकिन स्रोत ने खरीदने की पहली वजह ऑफ रोड को ही बनाया। जो पक्की सड़क से कम उतरते हैं उन्हें यह फायदा कागज तक सीमित लग सकता है। जो उतरते हैं उनके लिए यही सबसे बड़ा कारण है।

हल्की स्टीयरिंग और स्थिरता कैसे बदली?

Mahindra Thar OG Vs Thar Roxx: Engine Options, Power, And Torque Explainedपुरानी हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग की जगह इलेक्ट्रिक पावर स्टीयरिंग आई है। मोड़ने और चलाने में मेहनत कम लगती है। 20 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रफ्तार पर स्टीयरिंग इतनी हल्की है कि एक उंगली से भी घुमाई जा सकती है। रफ्तार बढ़ने पर वह थोड़ी भारी हो जाती है ताकि ज्यादा हल्की न लगे।

तीन पॉइंट टर्न में स्टीयरिंग ज्यादा जोर से घुमाने की जरूरत नहीं रहती। शहर की तंग गलियों और पार्किंग में यह बदलाव दिख सकता है। पुरानी थार की स्टीयरिंग मेहनत वाली मानी जाती रही। ईपीएस ने उसी शिकायत को कम करने का दावा किया है।

रियर में वॉट्स लिंकेज एक्सल को ऊपर नीचे होते समय केंद्र में रखता है। इससे गाड़ी ज्यादा स्थिर रहती है। खराब सड़कों और असमतल हाईवे पर उछलने की समस्या कम बताई गई है। ट्रैक चौड़ा किया गया है जिससे हाईवे स्पीड पर स्थिरता बेहतर होती है।

डाविंची डैंपिंग सेटअप भी है। कम स्पीड के तेज झटके केबिन में पहले जितना महसूस नहीं होते। जेडएक्सटी ट्रिम में 19 इंच पहियों के साथ डाविंची सेटअप और फ्रीक्वेंसी डिपेंडेंट डैंपर दिए गए हैं। आराम बेहतर करने के लिए यह संयोजन उसी ट्रिम से जुड़ा है। हर वेरिएंट में यही सेटअप हो यह स्रोत ने नहीं कहा।

हल्की स्टीयरिंग शहर के लिए है। वॉट्स लिंकेज और चौड़ा ट्रैक सड़क की स्थिरता के लिए हैं। डैंपर झटके काटते हैं। तीनों मिलकर रोजमर्रा की सवारी को पुरानी थार से अलग बताते हैं। खरीदार को टेस्ट ड्राइव पर यही तीन बातें टटोलनी चाहिए।

जगह की कमी थार OG में कहां खलती है?

केबिन जगह के मामले में अब भी पीछे है खासकर रियर सीट पर। पीछे आराम से केवल दो लोग बैठ सकते हैं। बुजुर्गों के लिए पीछे पहुंचना मुश्किल हो सकता है। तीन दरवाजों वाली बनावट में यह शिकायत नई नहीं है। ओजी अपडेट ने इसे दूर करने का दावा स्रोत में नहीं किया।

बूट स्पेस कमजोरी है। एयरपोर्ट जाने लायक जरूरी सामान मुश्किल से समाता है। बड़े सूटकेस के लिए पीछे की सीटें फोल्ड करनी पड़ेंगी। परिवार यात्रा में यह समझौता बड़ा है। दो लोग और हल्का सामान हो तो चल सकता है। चार लोगों का हफ्ते भर का सामान कठिन है।

खरीदने से पहले पीछे बैठकर दरवाजे की चौड़ाई और सीट की ऊंचाई देखनी चाहिए। बूढ़े माता पिता रोज पीछे बैठेंगे तो यह गाड़ी व्यावहारिक नहीं लग सकती। ऑफ रोड वीकेंड वाली जोड़ी के लिए रियर कम महत्वपूर्ण हो सकता है। इस्तेमाल का फर्क यहीं साफ होता है।

थार ओजी की पहचान तीन दरवाज और मजबूत फ्रेम से बनी है। उसी पहचान के साथ जगह सीमित रहती है। कीमत 10.32 लाख से 17.75 लाख रुपये एक्स शोरूम है। इसी रेंज की कई गाड़ियां पीछे ज्यादा जगह देती हैं। तुलना करते समय बूट और रियर एक्सेस जरूर तौलें।

इंटीरियर का प्लास्टिक क्यों कमजोर पक्ष माना गया?

थार रॉक्स के केबिन में सॉफ्ट टच सामग्री इस्तेमाल हुई है। थार ओजी का हार्ड प्लास्टिक उसके मुकाबले कम प्रीमियम महसूस होता है। समान कीमत वाली दूसरी गाड़ियों से तुलना करने पर यह फर्क और दिखता है। कीमत के ऊपरी वेरिएंट 17.75 लाख रुपये तक जाते हैं। उस रकम पर प्लास्टिक की छुअन कई खरीदारों को सस्ती लग सकती है।

यह कमी दिखावे और छूने की गुणवत्ता से जुड़ी है। ऑफ रोड क्षमता इससे नहीं घटती। रोज के इस्तेमाल में डैशबोर्ड और दरवाजे का प्लास्टिक बार बार हाथ लगता है। रॉक्स से तुलना स्रोत ने खुद की है इसलिए ओजी को उसी परिवार की ज्यादा नरम फिनिश वाली गाड़ी के सामने रखा गया है।

खरीदार अगर केबिन की छुअन को प्राथमिकता देते हैं तो यह बिंदु रोक सकता है। अगर फ्रेम और टेरेन मोड ज्यादा भारी हैं तो प्लास्टिक समझौता बन सकता है। लेख का काम दोनों बातें साथ रखना है एक तरफ झुकना नहीं।

नए फीचर और डिजाइन बदलाव हुए हैं। फिर भी इंटीरियर की शिकायत हार्ड प्लास्टिक पर केंद्रित रही। सॉफ्ट टच कहां नहीं मिला यह रॉक्स वाली तुलना से समझ आता है। टेस्ट ड्राइव पर डैशबोर्ड को हाथ लगाकर देखना सबसे सीधा तरीका है।

किसे थार OG लेनी चाहिए और किसे नहीं?

ऑफ रोड करने वाले खरीदार के लिए स्नो सैंड मड मोड आसान डिफरेंशियल लॉक और बॉडी ऑन फ्रेम ढांचा पक्ष में जाते हैं। 65 लाख से कम में ऐसा विकल्प दुर्लभ बताया गया। हल्की ईपीएस और वॉट्स लिंकेज शहर तथा खराब सड़क दोनों में मदद करते हैं। जेडएक्सटी पर 19 इंच पहिए और फ्रीक्वेंसी डिपेंडेंट डैंपर आराम बढ़ाते हैं।

परिवार वाले खरीदार रियर में दो सीट बूढ़ों की चढ़ाई और छोटे बूट से उलझ सकते हैं। हार्ड प्लास्टिक समान कीमत की गाड़ियों के मुकाबले कम समृद्ध लगता है। कीमत 10.32 लाख से शुरू होकर 17.75 लाख रुपये एक्स शोरूम तक है। बजट इसी दायरे में हो तो ये पांच बिंदु काफी हैं फैसला तौलने के लिए।

सितंबर 2026 का यह अपडेट तीन दरवाज एसयूवी का दूसरा बदलाव है थोड़े अधिक समय में। नाम ओजी रखा गया। डिजाइन और फीचर नए हैं। खरीदने के तीन कारण और न खरीदने के दो कारण स्रोत ने इन्हीं तथ्यों से निकाले। इससे बाहर इंजन औसत या रंग विकल्प नहीं जोड़े गए क्योंकि वे सामग्री में नहीं थे।

टेस्ट ड्राइव पर 20 किलोमीटर प्रति घंटे से कम स्टीयरिंग का हल्कापन जांचें। खराब रोड पर उछाल देखें। पीछे बैठकर जगह नापें। बूट में बैग रखकर देखें। डैशबोर्ड का प्लास्टिक छुएं। यही जांच लेख के फायदे और नुकसान को निजी अनुभव बनाती है। कागज पर थार ओजी ऑफ रोड और आसान ड्राइव देती है। केबिन और सामान में काटती है। खरीदार को अपना उपयोग इन दो पालों पर रखना चाहिए।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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