Top 5 This Week

Related Posts

MP News: एमपी में चीनी स्टॉक पर सख्त नियम, डीलर चार हजार क्विंटल से ज्यादा नहीं रख सकेंगे

MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच कालाबाजारी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश का कोई भी डीलर चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। साथ ही रखे गए स्टॉक को तीस दिन से ज्यादा समय तक गोदाम में नहीं रखा जा सकेगा।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। डीलरों को केंद्र सरकार के पोर्टल पर नियमित स्टॉक की जानकारी देनी होगी। यह फैसला आम लोगों तक चीनी की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

MP News: सरकार ने क्यों लिया यह फैसला

चीनी की कीमतों में आई तेजी के बाद बाजार में जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई थी। सरकार ने इसी को देखते हुए भंडारण की अधिकतम सीमा तय कर दी है। चार हजार क्विंटल से ज्यादा स्टॉक रखने पर कार्रवाई हो सकती है। तीस दिन की समय सीमा इसलिए लगाई गई ताकि माल बाजार में लगातार आता रहे। इस कदम से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

डीलरों के लिए नई स्टॉक सीमा क्या है

अब कोई भी निजी डीलर चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी अपने गोदाम में नहीं रखेगा। इससे ज्यादा मात्रा रखने पर नियम का उल्लंघन माना जाएगा। रखे गए स्टॉक को तीस दिन के अंदर बेच देना अनिवार्य होगा। लंबे समय तक माल रोककर रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

MP News: पोर्टल पर नियमित जानकारी देना जरूरी

सभी डीलरों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से देनी होगी। इससे प्रशासन को वास्तविक स्थिति का पता चलता रहेगा। जानकारी छिपाने या गलत आंकड़े देने पर कार्रवाई हो सकती है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि कलेक्टर स्तर पर इसकी सख्त निगरानी की जाए। पारदर्शिता बनाए रखना इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर सीमा लागू नहीं

सरकारी खाते पर या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत प्राधिकारी के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के लिए रखा गया स्टॉक इस सीमा से बाहर रहेगा। यानी पीडीएस के लिए निर्धारित चीनी पर चार हजार क्विंटल वाली पाबंदी नहीं लगेगी। यह छूट इसलिए दी गई है ताकि राशन व्यवस्था प्रभावित न हो। आम उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर चीनी मिलती रहे यही सरकार की प्राथमिकता है।

MP News: थोक उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम

कोई भी थोक उपभोक्ता जो उत्पादन या उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में प्रतिमाह दस टन चीनी खर्च करता है वह पंद्रह दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेगा। यह नियम हलवाई मिठाई विक्रेता शीतल पेय निर्माता और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर लागू होगा। ऐसे उपभोक्ता वे माने जाएंगे जिन्होंने पिछले एक वर्ष में चालू माह को छोड़कर औसतन सौ टन चीनी का उपयोग किया हो। छोटी अवधि की सीमा से बाजार में आपूर्ति बनी रहेगी।

कलेक्टरों को दिए गए सख्त निर्देश

खाद्य मंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला स्तर पर टीमों को बाजार और गोदामों की जांच करनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीलरों के खिलाफ तुरंत कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर नियमित रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इससे पूरे प्रदेश में एक समान निगरानी संभव हो सकेगी।

MP News: बाजार और उपभोक्ताओं पर संभावित असर

इस फैसले से चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशें कम होने की उम्मीद है। नियमित आपूर्ति से कीमतें स्थिर रहने में मदद मिल सकती है। छोटे व्यापारियों को भी राहत मिलेगी क्योंकि बड़े जमाखोर हावी नहीं हो पाएंगे। उपभोक्ताओं को बाजार में चीनी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। सरकार का जोर पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर है।

मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम चीनी बाजार में अनुशासन लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। चार हजार क्विंटल की सीमा और तीस दिन की बिक्री अनिवार्यता से जमाखोरी पर लगाम लगेगी। पोर्टल पर जानकारी देने की व्यवस्था से निगरानी आसान होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को इससे अलग रखा गया है ताकि गरीब परिवार प्रभावित न हों।

थोक उपभोक्ताओं के लिए भी पंद्रह दिन की सीमा तय की गई है। अब देखना यह होगा कि जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का कितना प्रभावी पालन होता है। उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को नई व्यवस्था के अनुरूप चलना होगा।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles