MP News: मध्य प्रदेश सरकार दूरस्थ इलाकों तक परिवहन पहुंचाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है। मोबिलिटी विजन 2030 के अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे रोज 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित सफर की सुविधा मिलने का दावा है।
180 से अधिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो का कायाकल्प भी योजना में शामिल है। 11 और 12 सितंबर को इंदौर में समिट होगी, जिसमें परिवहन व्यवस्था पर मंथन होगा। स्वच्छ ईंधन, इलेक्ट्रिक बस और महिला-बाल सुरक्षा इस पूरी कवायद के केंद्र में रखे गए हैं।
MP News: मोबिलिटी विजन 2030 का मुख्य लक्ष्य
योजना का मकसद प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक बस नेटवर्क फैलाना है। 15 हजार से अधिक आधुनिक बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्री इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने की योजना
हाईलाइट में कहा गया है कि 75 प्रतिशत पंचायतों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों और कस्बों की दूरी घटने की उम्मीद है। दूरस्थ इलाकों में आवागमन आसान बनाने पर जोर है। योजना सार्वजनिक परिवहन को व्यापक बनाने की दिशा में है।
इंदौर समिट में क्या होगा मंथन
11 और 12 सितंबर को इंदौर में समिट प्रस्तावित है। परिवहन व्यवस्था के विस्तार पर चर्चा होगी। इच्छुक प्रतिभागी गुरुवार दोपहर 12 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। निजी निवेश आकर्षित करने का भी उद्देश्य बताया गया है।
MP News: इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार तेज होगा
समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर रहेगा। पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा बेड़े के साथ नई ई-बसें जोड़ने की रूपरेखा सामने आई है। अगले चरण में संख्या और बढ़ेगी।
अभी कितनी ई-बसें चल रही हैं
प्रदेश में फिलहाल 96 पीएम ई-बसें संचालित हैं। इंटरसिटी बसें 120 चल रही हैं। यह मौजूदा क्षमता का आंकड़ा है। आगे छह महीने में इसमें बड़ा इजाफा प्रस्तावित है।
MP News: अगले छह महीने का विस्तार प्लान
आने वाले छह महीनों में 486 पीएम ई-बसें जोड़ी जाएंगी। साथ में 34 इंटरसिटी बसें भी आएंगी। इसके बाद बेड़ा काफी बढ़ जाएगा। 2027 तक कुल संख्या 1100 करने का लक्ष्य है।
चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रा तैयार होंगे
100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो बनाए जा रहे हैं। सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जा रहा है। इससे सालाना 70 हजार टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटने का अनुमान है। स्वच्छ ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने की कोशिश है।
आईटीएमएस से होगी बसों की निगरानी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम से होगी। संचालन पारदर्शी बनाने का दावा है। लोकेशन और टाइमिंग की जानकारी रियल टाइम मिल सकेगी। व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर जोर है।
MP News: कमांड कंट्रोल सेंटर कहां बनेंगे
मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में आधुनिक कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित होंगे। इसकी सात सहायक कंपनियों में भी ऐसे केंद्र बनेंगे। बसों के संचालन, लोकेशन और अन्य गतिविधियों की निगरानी यहीं से होगी। रियल टाइम नियंत्रण का ढांचा तैयार किया जा रहा है।
महिला और बच्चों की सुरक्षा पर जोर
सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यात्री परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाने का लक्ष्य है। सुगम और पारदर्शी सेवा का दावा किया गया है। सुरक्षा उपकरणों को हर बस में लगाने की बात है।
बसों में कौन से सुरक्षा उपकरण लगेंगे
सभी बसों को सात सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जा रहा है। पैनिक बटन भी लगाया जाएगा। रियल टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम जुड़ेगा। इन उपकरणों से यात्रा के दौरान निगरानी बढ़ेगी।
MP News: यात्रियों को सूचना और शिकायत व्यवस्था
पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम लगाने की योजना है। ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग भी होगी। त्वरित शिकायत निवारण तंत्र बनाने की बात कही गई है। समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने पर जोर है।
180 से अधिक स्टैंड और डिपो सुधरेंगे
180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। अधोसंरचना सुधार योजना का बड़ा हिस्सा है। यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षा और सुविधा देने का लक्ष्य है। नेटवर्क विस्तार के साथ स्टेशन भी नए रूप में आएंगे।
MP News: समिट से निवेश की उम्मीद
इंदौर समिट निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित करने की दिशा में बताई गई है। मध्य प्रदेश को उन्नत और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन राज्य बनाने का दावा है। तकनीक सक्षम व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। मंथन के बाद आगे की रूपरेखा साफ हो सकती है।
मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन 2030 के तहत 15 हजार से अधिक आधुनिक बसें चलाने और रोज 30 लाख यात्रियों को सुविधा देने की योजना सामने आई है। इलेक्ट्रिक बसें, चार्जिंग डिपो, आईटीएमएस निगरानी और महिला-बाल सुरक्षा उपकरण इस पहल के प्रमुख हिस्से हैं।
11-12 सितंबर की इंदौर समिट में विस्तार और निवेश पर चर्चा होगी। 2027 तक ई-बसों की संख्या 1100 करने और 75 प्रतिशत पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य भी रखा गया है। योजना के अमल से ग्रामीण कनेक्टिविटी और सुरक्षित आवागमन कितना सुधरेगा, यह आगे की प्रगति पर निर्भर करेगा।
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