Top 5 This Week

Related Posts

नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को मिलेगा 25,000 रुपये नकद

डेस्क – भारत में सड़क दुर्घटनाएं लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक समस्या बनी हुई हैं। हर साल लाखों लोग हादसों का शिकार होते हैं और हजारों परिवार अपनों को खो देते हैं। इसी गंभीर मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक अहम बयान दिया, जिसमें उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘राहवीर’ योजना की जानकारी दी। यह योजना न सिर्फ जान बचाने पर केंद्रित है, बल्कि समाज में मदद की भावना को भी मजबूत करती है।

सड़क हादसों की भयावह स्थिति

भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या हैं। हर साल लगभग 5 लाख हादसे होते हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें 18 से 34 साल के युवाओं की होती हैं। मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि ये मौतें किसी युद्ध या महामारी से भी ज्यादा हैं। कई बार हादसे के बाद लोग घायल को अस्पताल नहीं पहुंचाते, क्योंकि उन्हें पुलिस की पूछताछ या कानूनी झंझट का डर लगता है। नतीजा यह होता है कि ‘गोल्डन ऑवर’ यानी हादसे के पहले एक घंटे में इलाज नहीं मिल पाता और जान चली जाती है।

गुड समारिटन योजना क्या है?Image result for नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

गुड समारिटन योजना साल 2021 में शुरू की गई थी। इसका मतलब है ‘अच्छा मददगार’। इस योजना के तहत जो व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के हादसे में घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाता है, उसे सम्मान और इनाम दिया जाता है। पहले इस योजना में इनाम की राशि सिर्फ 5,000 रुपये थी। लेकिन अब नितिन गडकरी ने इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ राज्य राजमार्गों, जिला सड़कों, शहरों और ग्राम पंचायत की सड़कों पर भी लागू होगी।

नई योजना का नाम ‘राहवीर’

इस योजना को अब ‘राहवीर’ नाम दिया गया है। जो व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचाएगा, उसे ‘राहवीर’ की उपाधि मिलेगी और 25,000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। मंत्री जी ने नागपुर में एक रोड सेफ्टी कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुरानी 5,000 रुपये की राशि पर्याप्त नहीं थी, इसलिए इसे बढ़ाया गया है। इसका मकसद लोगों को बिना डर के मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना है। पुलिस या कानूनी कार्रवाई का कोई डर नहीं होगा।

कैशलेस इलाज की सुविधा भी

इसके साथ ही सरकार ने एक और बड़ी राहत दी है। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को पहले सात दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। मतलब अस्पताल में पैसे की चिंता किए बिना इलाज शुरू हो जाएगा। यह योजना पूरे देश में लागू की जा रही है। मंत्री जी ने बताया कि कई बार गरीब परिवार पैसे जुटाने में समय लगा देते हैं और जान चली जाती है। इस योजना से ऐसा नहीं होगा।

गोल्डन ऑवर क्यों जरूरी?

डॉक्टरों के मुताबिक, हादसे के बाद पहला घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहते हैं। अगर इस समय में घायल को अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो जान बचने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्टडी के अनुसार, समय पर मदद से हर साल 50,000 से ज्यादा जानें बचाई जा सकती हैं। लेकिन लोग डर की वजह से मदद नहीं करते। अब इस इनाम और सुरक्षा से लोग आगे आएंगे।

सरकार के अन्य प्रयास

नितिन गडकरी जी ने रोड सेफ्टी के लिए कई कदम उठाए हैं। जैसे ब्लैक स्पॉट्स (हादसे वाले जगहों) को ठीक करना, एम्बुलेंस को 10 मिनट में पहुंचाने की योजना, हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य करना। साथ ही जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मंत्री जी ने संसद में कहा कि रोड सेफ्टी सभी की जिम्मेदारी है और सांसदों से भी अपील की कि अपने क्षेत्र में अभियान चलाएं।

निष्कर्ष :

नितिन गडकरी की यह योजना वाकई सराहनीय है। 25,000 रुपये का इनाम और कैशलेस इलाज जैसी सुविधाएं लोगों को इंसानियत दिखाने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे न केवल जानें बचेंगी, बल्कि समाज में मदद करने की भावना मजबूत होगी। अगर हम सभी सड़क नियमों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर मदद करें, तो भारत की सड़कें सुरक्षित हो सकती हैं। यह योजना 2030 तक सड़क हादसों में मौतों को आधा करने के वैश्विक लक्ष्य में भी मदद करेगी। आइए हम सब मिलकर इस मुहिम का हिस्सा बनें और दूसरों की जान बचाएं।

PRAGATI DIXIT
Author: PRAGATI DIXIT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles