Bihar Crime News: बिहार के औरंगाबाद जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को उस वक्त दरिंदगी का शिकार बनाया गया जब वह अपने घर से पैदल अस्पताल जा रही थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और आम लोगों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा रोष देखने को मिल रहा है। आखिर कैसे कोई बेखौफ होकर सरेराह किसी को अगवा कर सकता है, यह सवाल अब हर स्थानीय नागरिक की जुबान पर है।
Bihar Crime News: अस्पताल जा रही थी नाबालिग किशोरी
घटना की शुरुआत उस साधारण से दिन की तरह हुई थी जब पीड़ित लड़की अपने घर से निकलकर पैदल ही अस्पताल की तरफ बढ़ रही थी। उसे तनिक भी अंदाजा नहीं था कि रास्ते में घात लगाए बैठे कुछ शातिर दरिंदे उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेलने की साजिश रच रहे हैं। सुनसान रास्ते का फायदा उठाते हुए एक तेज रफ्तार कार उसके करीब आकर रुकी और उसमें बैठे तीन युवकों ने बिना किसी डर के उसे जबरन गाड़ी के अंदर खींच लिया। सड़क पर हुई इस अचानक और भयानक हरकत से वहां हड़कंप मच गया, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वे हैवान लड़की को लेकर पलक झपकते ही वहां से फरार हो गए।
कई घंटों तक गाड़ी में चलती रही हैवानियत
अपहरण के बाद के वे घंटे उस बेबस लड़की और उसके परिवार के लिए किसी भयानक सपने से कम नहीं रहे होंगे। आरोप है कि चलती कार के अंदर उन तीनों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और उसकी चीखों को अनसुना कर दिया। कई घंटों तकवानों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया और जब उनका मन भर गया, तब वे उसे उसके घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर चलती सड़क के किनारे बेसुध हालत में फेंककर भाग निकले। घर पहुंचने के बाद जब डरी-सहमी लड़की ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और पूरे घर में कोहराम मच गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ताबड़तोड़ छापेमारी
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के परिजन बिना एक पल गंवाए सीधे कुटुंबा थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी दास्तान सुनाई। मामला चूंकि एक नाबालिग लड़की के साथ गंभीर अपराध का था, इसलिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह हरकत में आ गया और बिना किसी देरी के कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए इस मामले में नामजद किए गए दो मुख्य आरोपियों प्रिंस कुमार और रौशन कुमार को दबोच लिया है। हालांकि, इस दरिंदगी में शामिल तीसरा आरोपी राजू अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
इलाके में खौफ और जनता में बढ़ता रोष
इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद से ही कुटुंबा और आसपास के पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दिनदहाड़े इस तरह की घटनाएं होने लगेंगी, तो घर से बाहर निकलना भी दूभर हो जाएगा। बेटियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं और लोग पुलिस प्रशासन से इन दरिंदों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं। थानाध्यक्ष इमरान आलम ने मीडिया को बताया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
झारखंड के धनबाद से जुड़ा एक और सनसनीखेज मामला
इसी बीच पड़ोस के राज्य झारखंड से भी एक ऐसा ही मिलता-जुलता मामला सामने आया है जिसने इस तरह के अपराधों की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। धनबाद जिले के सुदामडीह थाना क्षेत्र के भौंरा गौररखुंटी इलाके में एक आदिवासी किशोरी के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें फरार चल रहे मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर भागने की फिराक में थे। धनबाद एसएसपी के सख्त निर्देशों पर गठित की गई एक विशेष टीम ने अपनी तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल करते हुए इस वारदात के महज तीन दिनों के भीतर ही सभी आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है।
नाटकीय अंदाज में बिहार से पकड़े गए मुख्य आरोपी
झारखंड पुलिस की इस विशेष टीम ने अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मुख्य आरोपियों दयाशंकर यादव, साजन अंसारी और रंजन साव को बिहार के आरा रेलवे स्टेशन के पास से बिल्कुल नाटकीय ढंग से धर दबोचा। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी सामने आया है कि सुदामडीह थाना क्षेत्र के ही कुछ स्थानीय लोग इन शातिर अपराधियों को पुलिस के हर कदम और एक्शन की पल-पल की खबर दे रहे थे। यहां तक कि उन मददगारों ने ही आरोपियों को पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन पूरी तरह स्विच ऑफ कर लेने की अजीबोगरीब सलाह भी दी थी, ताकि वे कानून की नजरों से बच सकें।
Bihar Crime News: कानून का शिकंजा और न्याय की आस
सोमवार को पकड़े गए इन सभी आरोपियों का अनिवार्य मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में सीधे जेल भेज दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह के अपराधों को बढ़ावा देने वाले वे कौन लोग थे जो अपराधियों को शरण दे रहे थे। मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अदालतों से इन्हें कितनी जल्दी और किस तरह की सजा मिलती है। घटना के हर एक पहलू पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। मामले की आगे की जांच लगातार जारी है और पुलिस की टीमें तीसरे फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं, जिसके जल्द ही पकड़े जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
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