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Odisha News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा दौरा एक सप्ताह के लिए टला, चक्रवात का खतरा मुख्य वजह

24 अक्टूबर 2026
Odisha News
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Odisha News: ओडिशा के मयूरभंज जिले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित दो दिवसीय दौरा संभावित चक्रवात और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। मूल रूप से 28 और 29 अक्टूबर को निर्धारित यह कार्यक्रम अब 4 और 5 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। मयूरभंज के जिलाधिकारी ने इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि की है। राज्य प्रशासन ने साफ कहा है कि दौरा रद्द नहीं हुआ है, बल्कि मौसम की अनिश्चितता के कारण केवल तिथियों में संशोधन किया गया है।

राष्ट्रपति मुर्मु अपने गृह क्षेत्र रायरंगपुर के अलावा बहरलदा स्थित मां किचकेश्वरी मंदिर और गोरुमहिषाणी का भी दौरा करने वाली थीं। इन स्थानों पर विभिन्न सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति तय थी। जिला प्रशासन पिछले कई दिनों से तैयारियां कर रहा था। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्थानीय कार्यक्रमों की रूपरेखा दोबारा तैयार की जा रही है।

चक्रवात का खतरा कितना गंभीर है और मौसम विभाग क्या कह रहा है?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में अंडमान द्वीप समूह के निकट एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है और धीरे-धीरे और शक्तिशाली होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम 28 अक्टूबर के आसपास तट से टकरा सकता है। संभावित लैंडफॉल का स्थान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन गोपालपुर (ओडिशा) से मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) के बीच के तटीय क्षेत्र पर इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है।

राज्य सरकार ने क्या तैयारियां की हैं और किन जिलों पर फोकस है?

ओडिशा सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों से जिला स्तर पर बैठकें चल रही हैं और अधिकांश आवश्यक कदम उठा लिए गए हैं। मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 16 जिलों के जिलाधिकारियों की बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इनमें तटीय जिले प्रमुख रूप से शामिल हैं जहां चक्रवात का सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

सरकार का जोर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित नुकसान को कम करने पर है। मंत्री ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं बल्कि सतर्क रहें। उन्होंने याद दिलाया कि ओडिशा को चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का लंबा अनुभव है। दक्षिणी ओडिशा में भूस्खलन जैसी संभावित चुनौतियों के लिए भी पर्याप्त संसाधन और मानवबल उपलब्ध कराया जा रहा है। आपदा प्रबंधन टीमें पहले से सक्रिय हैं और राहत सामग्री तथा चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

राष्ट्रपति के दौरे का महत्व और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया क्या है?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का मयूरभंज दौरा स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनका गृह क्षेत्र है। रायरंगपुर और आसपास के गांवों में उनकी उपस्थिति को लेकर पहले से उत्साह था। मंदिर दर्शन और विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी। अब जब दौरा एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया गया है तो प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधि दोनों संशोधित कार्यक्रम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मौसम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय सही साबित हो रहा है। पिछले वर्षों में भी ओडिशा ने कई चक्रवातों का सामना किया है और हर बार बेहतर तैयारी से नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित किया गया। इस बार भी सरकार उसी अनुभव का इस्तेमाल कर रही है। मंत्री सुरेश पुजारी ने दोहराया कि राज्य किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है और लोगों को अनावश्यक चिंता करने की जरूरत नहीं है।

आगे की निगरानी कैसे होगी और लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

आईएमडी और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दोनों मिलकर सिस्टम की गति, दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अगर लैंडफॉल का स्थान या समय बदलता है तो तुरंत अलर्ट जारी किए जाएंगे। तटीय क्षेत्रों के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से दूर रहें। मछुआरों को समुद्र में जाने से परहेज करने की सलाह दी जा रही है।

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने के लिए तैयार रहना चाहिए। बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की भी सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन हेल्पलाइन नंबर जारी कर चुका है जहां लोग किसी भी आपात स्थिति में संपर्क कर सकते हैं।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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