Odisha Panchayat Election 2027: भुवनेश्वर। ओडिशा में 2027 के पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूची की सफाई शुरू होने जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त दलों की बैठक में बताया कि घर-घर सर्वे 26 अक्टूबर से शुरू होगा। इस अभियान में नाम जोड़ना, हटाना और सुधारना शामिल है। साथ ही अयोग्य, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की जानकारी की जांच होगी। अंतिम सूची 10 फरवरी को प्रकाशित होने की रूपरेखा रखी गई है।
बैठक आयोग के सम्मेलन कक्ष में राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढी की अध्यक्षता में हुई। सचिव संतोष कुमार दाश और उपसचिव दुर्गा चरण मुर्मू सहित दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। दलों ने सुझाव दिए और सर्वे में सहयोग का भरोसा जताया। आयोग चाहता है कि सूची नियम और दिशा-निर्देश के अनुसार बने, ताकि कोई योग्य नाम न कटे और कोई अयोग्य नाम न जुड़ जाए।
घर-घर सर्वे में क्या होगा?
26 अक्टूबर से टीमें घरों तक जाएंगी। मकसद सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। नए योग्य मतदाताओं का नाम सही जगह दर्ज होगा। जो लोग दूसरे पते पर शिफ्ट हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो योग्यता नहीं रखते, उनकी प्रविष्टि जांच के बाद हटेगी। नाम की वर्तनी, उम्र और भाग संख्या के सुधार भी इसी दौर में होंगे।
पाढी ने कहा कि सही और त्रुटिरहित मतदाता सूची स्वच्छ चुनाव की बुनियाद है। इसलिए हर चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सबकी भागीदारी जरूरी है। दलों के सक्रिय सहयोग से सूची अधिक भरोसेमंद बन सकती है। सर्वे दल द्वारा आंकड़े जुटाने और मतदाताओं के सहयोग पर भी चर्चा हुई।
राजनीतिक दलों को क्या करना है?
आयोग ने सभी दलों से सर्वे में सक्रिय सहयोग मांगा है। हर दल को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त करने हैं। सर्वे के दौरान इन एजेंटों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि जोड़ने-काटने की प्रक्रिया पर नजर रहे।
BLA का विवरण 15 अक्टूबर तक जमा करना है। ग्रामीण क्षेत्र में सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) और बीडीओ के पास। नगर पंचायत (NAC) और नगरपालिका के लिए कार्यकारी अधिकारी के पास। महानगर निगम के लिए उपायुक्त या सहायक आयुक्त के पास। समय पर सूची न देने से बूथ पर दल की निगरानी कमजोर पड़ सकती है।
अंतिम सूची कब आएगी और चुनाव का क्रम क्या है?
तैयारी की रूपरेखा के अनुसार घर-घर सर्वे अक्टूबर से चलेगा और अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित होगी। पंचायत चुनाव 5 मार्च के बाद होने हैं। नगर निकाय के चुनाव पंचायत चुनाव के बाद कराए जाएंगे। अभी अधिसूचना या मतदान की तारीख जारी नहीं हुई है। ये चरण सूची तैयार होने के बाद तय होंगे।
क्रम इसलिए मायने रखता है, क्योंकि दोनों चुनावों की सूची एक ही सफाई अभियान पर टिकी है। फरवरी की अंतिम सूची में जो नाम होगा, उसी पर आगे का दावा बनेगा। सर्वे छूटने पर बाद में सुधार का समय कम रह जाता है।
योग्य नाम कैसे बचा रहेगा और अयोग्य कैसे कटेगा?
आयोग ने संबंधित पक्षों से सतर्क भूमिका मांगी है। योग्य व्यक्ति का नाम न कटे और अयोग्य व्यक्ति सूची में न आए, यही दो शर्तें हैं। घर पर सर्वे टीम आने पर पहचान और पते के कागज तैयार रखने से नाम जुड़ने या बने रहने में आसानी होती है। गलत तरीके से कटे नाम पर दावा दाखिल करने का प्रावधान प्रक्रिया के दौरान खुला रहता है।
स्थानांतरित मतदाता को नए पते पर नाम जुड़वाना होगा, वरना पुराना बूथ खाली प्रविष्टि छोड़ सकता है। मृत मतदाताओं की सूचना परिवार और बूथ एजेंट दोनों दे सकते हैं। बिना जांच नाम काटना नहीं है। दल और प्रशासन की संयुक्त नजर ही गलती पकड़ सकती है।
आयोग बैठक से क्या उम्मीद कर रहा है?
राज्य निर्वाचन आयोग पूरे अभियान को निर्धारित नियम और मार्गदर्शिका के अनुसार पूरा करना चाहता है। लक्ष्य स्वच्छ, सही, समावेशी और त्रुटिरहित सूची है। दलों, प्रशासन और आम मतदाता के समन्वय पर जोर है। बैठक में दलों ने सुझाव देने के साथ सर्वे में सहयोग का आश्वासन दिया।
26 अक्टूबर से पहले 15 अक्टूबर की BLA समय-सीमा निर्णायक है। एजेंट मैदान में हों, तभी घर-घर जांच पर राजनीतिक निगरानी बन पाएगी। सूची 10 फरवरी को अंतिम रूप लेगी। उसके बाद 5 मार्च के बाद पंचायत और फिर निकाय चुनाव का रास्ता खुलेगा। अभी तैयारी का चरण है, मतदान कार्यक्रम अलग से आएगा।
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