शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
लाइव देखें
हॉट टॉपिक्स
ब्रेकिंग

सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत रद्द की, दुलारचंद यादव हत्याकांड में 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश

30 अक्टूबर 2026
Anant Singh Bail Cancelled
Anant Singh Bail Cancelled

Anant Singh Bail Cancelled: मोकामा के विधायक अनंत सिंह के लिए शुक्रवार का दिन बेहद कठिन साबित हुआ। दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी। कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। यह फैसला ऐसे दिन आया जब मृतक दुलारचंद यादव की पहली बरसी भी थी। मामले की गंभीरता और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को देखते हुए पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को स्थगित कर दिया।

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध को सिर्फ राजनीतिक विवाद मानकर जमानत देना उचित नहीं था। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जांच अभी जारी है और गवाहों का परीक्षण ट्रायल के दौरान होगा। पुलिस को चार महीने में जांच पूरी करने को कहा गया है। अनंत सिंह की तरफ से बेटी की शादी का हवाला देकर तुरंत सरेंडर न करने की गुजारिश की गई थी, लेकिन कोर्ट ने समय देते हुए 1 दिसंबर की तारीख तय कर दी।

सुप्रीम कोर्ट में क्या फैसला आया?

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के 19 मार्च 2026 के जमानत आदेश को स्थगित करते हुए अनंत सिंह की जमानत रद्द कर दी। पीठ ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट ने अपराध की प्रकृति और अनंत सिंह से जुड़े गंभीर आपराधिक मामलों पर पर्याप्त विचार नहीं किया था। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया था कि अनंत सिंह के खिलाफ 67 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मुकदमे शामिल हैं।

कोर्ट ने अनंत सिंह को निर्देश दिया कि वे 1 दिसंबर 2026 तक संबंधित अधिकारियों के सामने सरेंडर करें। साथ ही राज्य सरकार और जांच एजेंसियों को मामले की जांच चार महीने में पूरा करने का आदेश दिया गया। यह फैसला दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की तरफ से दायर विशेष अनुमति याचिका पर आया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले 13 जुलाई को नोटिस जारी किया था और 29 सितंबर को सुनवाई टालते हुए साफ कहा था कि 30 अक्टूबर को कोई और स्थगन नहीं मिलेगा।

मामला क्या है और हत्या कैसे हुई?

यह घटना 30 अक्टूबर 2025 की है। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान मोकामा में अनंत सिंह के समर्थकों और जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के काफिले आमने-सामने आ गए। इसी टकराव में हुई हिंसा में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई। दुलारचंद यादव जन सुराज से जुड़े कार्यकर्ता थे। पुलिस ने मामले में अनंत सिंह समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। अनंत सिंह जेल में रहते हुए भी मोकामा सीट से चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे।

हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में उन्हें जमानत दे दी थी। इसके खिलाफ मृतक के पोते नीरज कुमार सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। राज्य सरकार ने भी शीर्ष अदालत में अनंत सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा पेश किया था। मामले में जांच अभी चल रही है और कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए जमानत रद्द करने का फैसला लिया।

जमानत रद्द करने की याचिका क्यों दायर की गई?

नीरज कुमार ने अपनी याचिका में कहा कि पटना हाईकोर्ट ने जमानत देते समय अनंत सिंह के लंबे आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज गंभीर मामलों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी आधार पर हाईकोर्ट के आदेश को गलत माना। पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में जमानत देते समय अपराध की गंभीरता और आरोपी के पूर्व रिकॉर्ड पर गौर करना जरूरी होता है।

याचिकाकर्ता के वकील शिल्पी चौधरी ने पहले भी यह दलील दी थी कि अनंत सिंह ने अपने आपराधिक पूर्ववृत्तों का पूरा खुलासा नहीं किया था। कोर्ट ने इस पर गौर करते हुए जमानत रद्द करने का आदेश पारित किया।

जदयू से निष्कासन और राजनीतिक स्थिति क्या है?

कानूनी मुसीबत के साथ अनंत सिंह की राजनीतिक मुश्किलें भी बढ़ी हैं। जदयू ने हाल ही में उन्हें और उनकी पत्नी पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह ने विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ जन सुराज के प्रत्याशी का समर्थन किया और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। जदयू ने विधानसभा अध्यक्ष से उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है।

नीलम देवी को पटना के सरकारी आवास को खाली करने का नोटिस भी मिला है। उनकी 20 सूत्री समिति की सदस्यता और राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया। अनंत सिंह ने निष्कासन के बाद कोई पछतावा न होने की बात कही थी, लेकिन अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर उनके सामने चुनौतियां खड़ी हैं।

आगे क्या होगा?

अनंत सिंह को अब 1 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते तो कोर्ट के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। जांच एजेंसियों को चार महीने में जांच पूरी करनी है। इसके बाद ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राजनीतिक रूप से जदयू से निष्कासन और सदस्यता रद्द करने की सिफारिश से उनकी विधायक पद पर स्थिति अनिश्चित हो गई है। अगर स्पीकर सदस्यता रद्द करते हैं तो मोकामा में उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।

यह मामला बिहार की राजनीति में बाहुबली नेताओं और कानून के राज के बीच के संबंध को एक बार फिर चर्चा में लाया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से साफ है कि गंभीर अपराधों में आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में अनंत सिंह के सरेंडर और मामले की आगे की जांच पर नजरें टिकी रहेंगी।

Read More Here:- 

MP News: करवा चौथ पर जेठ के तोहफे ने बढ़ाया शक, पति ने पत्नी पर मूसल से किए 17 वार; फिर हुई दर्दनाक वारदात

West Bengal Politics: मुख्यमंत्री की हत्या की साजिश का दावा! अर्जुन सिंह ने अभिषेक बनर्जी पर उठाए सवाल

UP News: अलीगढ़ की तालानगरी की बदलेगी तस्वीर, 80 करोड़ की योजना से सुधरेगी जलनिकासी और सफाई व्यवस्था

Kal Ka Mausam 30 October 2026: 24 राज्यों में भारी बारिश और 85 किमी प्रति घंटे की आंधी का अलर्ट, IMD ने जारी किया चेतावनी

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

कवरेज: Sanjna Gupta, News Media Kiran

Sanjna Gupta

Sanjana GuptaHindi Content Writer | New Media KiranSanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *