Parivartan Yojana 2026: दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले कमर्शियल वाहनों को नए वाहनों से बदलने के लिए केंद्र सरकार ने परिवर्तन योजना शुरू की है। इसका पूरा नाम Programme for Accelerated Renewal and Incentivization of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions है। इस योजना का मकसद बीएस-4 या उससे पुराने ट्रकों और बसों की जगह बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन लाना है। दिल्ली-एनसीआर के वाहन मालिक अगर अपने पुराने ट्रक या बस को बदलना चाहते हैं तो उन्हें टैक्स छूट, रजिस्ट्रेशन फीस माफी, लोन पर ब्याज सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन मिल सकते हैं। कुल मिलाकर नया वाहन खरीदने पर 10 लाख रुपये तक का फायदा हो सकता है। अब तक करीब 34 हजार लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है। 9585 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य दो लाख से ज्यादा पुराने वाहनों को बदलना है।
परिवर्तन योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
परिवर्तन योजना दिल्ली-एनसीआर में लागू है और यह सिर्फ कमर्शियल वाहनों के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों तथा बसों को नए और साफ वाहनों से बदलना है। योजना के तहत बीएस-4 या पुराने मानक वाले वाहनों को बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन से बदलने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है। इससे हवा में प्रदूषण कम होगा और ट्रांसपोर्ट सेक्टर का उत्सर्जन भी घटेगा। योजना दिल्ली और एनसीआर के उन इलाकों तक सीमित है जहां वाहन रजिस्टर्ड हैं। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा पुराने वाहन स्क्रैप होकर नए वाहन सड़कों पर आएं। इससे न सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा बल्कि वाहन मालिकों को भी आर्थिक राहत मिलेगी। योजना के जरिए बड़े पैमाने पर वाहन नवीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस योजना में कौन-कौन से फायदे मिलते हैं?
योजना के तहत कई तरह की छूट और सब्सिडी दी जाती है। राज्य के नियमों के अनुसार मोटर वाहन टैक्स में 100 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है। नया वाहन खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ हो सकती है। अगर आप लोन लेकर वाहन खरीदते हैं तो उस पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी मिलती है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त अनुदान मिलता है। हल्के वाहनों के लिए 64 हजार रुपये, मध्यम के लिए 1 लाख 28 हजार और भारी वाहनों के लिए 2 लाख 56 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन है। डीजल या सीएनजी वाले नए वाहन खरीदने पर पांच साल तक मासिक ईंधन वाउचर भी मिल सकते हैं। हल्के वाहनों के लिए 1200 रुपये प्रति माह, मध्यम के लिए 2500 रुपये और भारी के लिए 4800 रुपये तक का वाउचर दिया जाता है। इसके अलावा निर्माता कंपनियों से 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है। इन सभी लाभों को जोड़ने पर कुल बचत काफी ज्यादा हो जाती है।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता क्या है?
इस योजना का फायदा सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में रजिस्टर्ड पुराने कमर्शियल ट्रक और बस मालिकों को मिलता है। वाहन बीएस-4 या उससे पुराने मानक का होना चाहिए। योजना हल्के, मध्यम और भारी मालवाहक तथा यात्री वाहनों (एलजीवी, एमजीवी, एचजीवी, एलपीवी, एमपीवी, एचपीवी) के लिए लागू है। बीएस-3 वाहन को स्क्रैप करना अनिवार्य है। वाहन मालिक बैंक लोन के मामले में डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। उसके पास वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है। केवाईसी के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, कंपनी का सीआईएन नंबर और वैध बैंक खाता नंबर की जरूरत पड़ती है। ये शर्तें पूरी करने वाले मालिक ही योजना का लाभ ले सकते हैं। पात्रता जांचने के बाद ही आवेदन आगे बढ़ता है।
परिवर्तन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाना होता है। वेबसाइट parivartan.parivahan.gov.in पर जाकर रजिस्टर पर क्लिक करें। इसके बाद अपने वाहन की डिटेल भरें जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर शामिल हैं। अगले स्टेप में संपर्क विवरण और व्यक्तिगत जानकारी डालें। आधार और पैन कार्ड की डिटेल भी भरनी होती है। फॉर्म को ध्यान से चेक करने के बाद सबमिट कर दें। आवेदन के बाद दस्तावेजों की जांच होती है और पात्रता मिलने पर लाभ मिलना शुरू होता है। ऑनलाइन प्रक्रिया आसान है लेकिन सही जानकारी भरना जरूरी है ताकि आवेदन खारिज न हो। कई वाहन मालिक पहले से इस प्रक्रिया के जरिए लाभ ले चुके हैं।
अनुमानित बचत कितनी हो सकती है और किन बातों का ध्यान रखें?
योजना के सभी लाभों को जोड़ने पर नया वाहन खरीदने पर 10 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। टैक्स छूट, रजिस्ट्रेशन माफी, ब्याज सब्सिडी, ईंधन वाउचर और निर्माता छूट मिलकर बड़ा फर्क डालते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन चुनने पर अनुदान अलग से मिलता है। बचत वाहन की श्रेणी और चुने गए विकल्प पर निर्भर करती है। आवेदन से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखें और पात्रता की पुष्टि कर लें। योजना सीमित समय के लिए या बजट के हिसाब से चल सकती है इसलिए जल्दी आवेदन करना बेहतर है। पुराने वाहन को सही तरीके से स्क्रैप कराने से प्रक्रिया आसान हो जाती है। दिल्ली-एनसीआर के वाहन मालिक इस मौके का फायदा उठाकर नया और साफ वाहन ले सकते हैं।
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Sanjana Gupta
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