प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जिसे आम तौर पर पीएम किसान योजना कहा जाता है, देश के करोड़ों किसान परिवारों के लिए सीधी आर्थिक सहायता की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। लेकिन कई किसानों को अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन इस योजना का लाभ ले सकता है, कौन नहीं, eKYC क्यों जरूरी है और किस्त रुक जाए तो क्या करें। इस लेख में पीएम किसान योजना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है।
PM Kisan Yojana: किसे मिलते हैं सालाना 6,000 रुपये, कौन है अपात्र, eKYC और स्टेटस चेक की पूरी जानकारी
पीएम किसान सम्मान निधि में पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं। जानें पात्रता, अपात्र श्रेणियां, eKYC, पंजीकरण और किस्त रुकने पर क्या करें।
मुख्य बातें
- पीएम किसान योजना क्या है
- कितनी मिलती है राशि और कब
- योजना में “परिवार” का मतलब क्या है
- कौन ले सकता है लाभ: पात्रता

पीएम किसान योजना क्या है
पीएम किसान भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) है, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है। यह योजना 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी मानी गई और फरवरी 2019 में इसकी औपचारिक शुरुआत हुई। योजना का उद्देश्य खेती से जुड़े खर्चों, जैसे बीज, खाद और अन्य जरूरतों में किसानों की मदद करना है।
योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in है, जहां पंजीकरण, स्टेटस जांच और eKYC जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कितनी मिलती है राशि और कब
पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, जो 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार ये किस्तें हर चार महीने की अवधि में जारी होती हैं:
- पहली अवधि: अप्रैल से जुलाई
- दूसरी अवधि: अगस्त से नवंबर
- तीसरी अवधि: दिसंबर से मार्च
राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है।
योजना में “परिवार” का मतलब क्या है
पीएम किसान योजना में परिवार की परिभाषा है: पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। यानी एक परिवार को एक ही लाभ मिलता है। अगर पति और पत्नी दोनों अलग-अलग लाभ ले रहे हैं, तो इसे नियमों के खिलाफ माना जाता है और ऐसे मामलों में भुगतान रोका जा सकता है।
कौन ले सकता है लाभ: पात्रता
शुरुआत में यह योजना 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए थी, लेकिन बाद में इसे सभी भूमिधारक किसान परिवारों तक बढ़ा दिया गया। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- किसान परिवार के नाम पर खेती योग्य जमीन राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के भू-अभिलेख (land records) में दर्ज होनी चाहिए।
- आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन का स्वामित्व हासिल करने वाले मामलों की अलग से जांच की जाती है। उत्तराधिकार (विरासत) के जरिए मिली जमीन के मामलों में छूट का प्रावधान है।
- लाभार्थी की पहचान और सत्यापन राज्य सरकारें करती हैं।
कौन नहीं ले सकता लाभ: अपात्र श्रेणियां
आर्थिक रूप से संपन्न वर्गों को योजना से बाहर रखा गया है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित लोग अपात्र हैं:
- सभी संस्थागत भूमिधारक।
- संवैधानिक पदों पर रहे या मौजूदा पदाधिकारी।
- मौजूदा या पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, नगर निगमों के महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष।
- केंद्र/राज्य सरकार के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/ग्रुप D को छोड़कर)।
- 10,000 रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त व्यक्ति (मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/ग्रुप D को छोड़कर)।
- पिछले आकलन वर्ष में आयकर देने वाले व्यक्ति।
- पेशेवर निकायों में पंजीकृत डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट, जो प्रैक्टिस कर रहे हों।
- नए पंजीकरण के मामले में आयकर कानून के तहत अनिवासी भारतीय (NRI) माने जाने वाले भूमिधारक।
गलत जानकारी देकर लाभ लेने पर ली गई राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
eKYC क्यों है जरूरी और कैसे करें
पीएम किसान पोर्टल के अनुसार सभी पंजीकृत किसानों के लिए eKYC अनिवार्य है। eKYC न होने पर किस्त रुक सकती है। eKYC के दो मुख्य तरीके हैं:
1. OTP आधारित eKYC
pmkisan.gov.in पर “eKYC” विकल्प चुनें, आधार नंबर डालें और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन पूरा करें।
2. बायोमेट्रिक eKYC
जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से नहीं जुड़ा है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर फिंगरप्रिंट के जरिए eKYC करा सकते हैं।
इसके अलावा पीएम किसान मोबाइल ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए भी eKYC की सुविधा दी गई है।
नया पंजीकरण कैसे करें
- pmkisan.gov.in पर “Farmers Corner” में “New Farmer Registration” पर क्लिक करें।
- ग्रामीण या शहरी किसान का विकल्प चुनें, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और राज्य भरें।
- OTP से सत्यापन के बाद नाम, बैंक विवरण और जमीन की जानकारी (खसरा/खाता संख्या) भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करके आवेदन जमा करें।
- राज्य सरकार के सत्यापन के बाद ही आवेदन स्वीकृत होता है।
किसान चाहें तो CSC केंद्र या अपने क्षेत्र के कृषि विभाग/पटवारी/राजस्व अधिकारी के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।
किस्त रुक जाए तो क्या करें
अक्सर किस्त रुकने के पीछे ये कारण होते हैं: eKYC अधूरी होना, बैंक खाते का आधार से लिंक न होना, आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी अलग होना, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन बाकी होना या परिवार में एक से अधिक लाभार्थी होना।
- पोर्टल पर “Know Your Status” विकल्प से अपना स्टेटस जांचें।
- पोर्टल पर उपलब्ध किसान ई-मित्र चैटबॉट से भी जानकारी ली जा सकती है।
- बैंक जाकर सुनिश्चित करें कि खाता आधार से जुड़ा है और DBT के लिए सक्रिय है।
- समस्या बनी रहे तो जिले के कृषि अधिकारी या पोर्टल पर दी गई हेल्पलाइन से संपर्क करें।
ठगों से रहें सावधान
पीएम किसान के नाम पर फर्जी कॉल, SMS और लिंक भी भेजे जाते हैं, जिनमें “किस्त जारी करने” के बदले पैसे या OTP मांगे जाते हैं। याद रखें, इस योजना में पंजीकरण या किस्त के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
पीएम किसान योजना में कितने रुपये मिलते हैं?
पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में (हर किस्त 2,000 रुपये) मिलते हैं।
क्या पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग लाभ मिल सकता है?
नहीं, योजना में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक परिवार माना जाता है और एक परिवार को एक ही लाभ मिलता है।
क्या आयकर देने वाले किसान को लाभ मिलेगा?
नहीं, पिछले आकलन वर्ष में आयकर देने वाले व्यक्ति योजना के लिए अपात्र हैं।
eKYC कहां से कराएं?
OTP आधारित eKYC pmkisan.gov.in पर और बायोमेट्रिक eKYC नजदीकी CSC केंद्र पर कराई जा सकती है।

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कवरेज: Sudhanshu Tiwari, News Media Kiran
