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पीएम मोदी ने बताए भारत के बड़े सुधार, पहले राजनीतिक स्वार्थ था, अब राष्ट्र पहले

PM Modi Statement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में हुए सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पहले बड़े फैसलों के पीछे राजनीतिक स्वार्थ या संकट प्रबंधन होता था, लेकिन अब सुधार राष्ट्रीय लक्ष्यों पर केंद्रित हैं। “देश के हर सेक्टर में कुछ न कुछ बेहतर हो रहा है। हमारी गति निरंतर है, दिशा स्थिर है और हमारा इरादा राष्ट्र पहले का है। 2025 का पूरा साल ऐसे ही सुधारों का रहा,” मोदी ने कहा। छोटे शहरों और गांवों के लोग जो विकास की गति महसूस कर रहे हैं, उनके लिए यह भाषण प्रेरणादायक है। पीएम ने गुलामी की मानसिकता को विकास की सबसे बड़ी बाधा बताया और आत्मविश्वास बहाली पर जोर दिया।

अर्थव्यवस्था में बड़े कदम: जीएसटी से जीरो टैक्स तक

पीएम मोदी ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाले सुधारों पर प्रकाश डाला। नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी सबसे बड़ा कदम रहा, जिसका असर पूरे देश में दिखा। डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में क्रांति आई, जहां 12 लाख तक की आय पर जीरो टैक्स लागू किया गया। “12 लाख तक की कमाई पर जीरो टैक्स, एक ऐसा फैसला जो एक दशक पहले सोचना भी मुश्किल था,” उन्होंने कहा। छोटी कंपनियों की परिभाषा बदली गई, जिससे हजारों कंपनियां आसान नियमों, तेज प्रक्रियाओं और बेहतर सुविधाओं के दायरे में आ गईं। करीब 200 उत्पाद श्रेणियों को अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण से बाहर किया गया। इन सुधारों से व्यापार आसान हुआ और निवेश बढ़ा।

सोच में बदलाव और आत्मविश्वास की बहाली

मोदी ने कहा कि भारत की प्रगति सिर्फ विकास की नहीं, बल्कि सोच में बदलाव की भी है। लंबी गुलामी ने देश के आत्मविश्वास को हिला दिया था, लेकिन अब युवा पीढ़ी में नई ऊर्जा है। “कोई देश बिना आत्मविश्वास के आगे नहीं बढ़ सकता। हमने इसे बहाल किया है,” उन्होंने जोर दिया। प्रौद्योगिकी, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और शासन में भी निरंतर सुधार हो रहे हैं, हालांकि भाषण में इनकी विस्तृत चर्चा नहीं हुई। पीएम ने राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका पर बल दिया। यह समिट वैश्विक नेताओं को भारत की प्रगति का आईना दिखाती है। सुधारों से बिहार जैसे राज्यों में भी रोजगार और विकास की नई लहर चलेगी।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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