कैसे भड़का बवाल?
मौलाना तौकीर रजा ने इस विवाद को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की बात कही थी। इसी कड़ी में जुमे की नमाज के बाद शहर के अलग-अलग इलाकों से भीड़ सड़कों पर उतर आई। लोग पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
श्यामगंज इलाके में प्रदर्शनकारियों और एसपी क्राइम के बीच कहासुनी भी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने श्यामगंज बाजार की दुकानें बंद करा दीं। नौमहला मस्जिद के बाहर भीड़ जमा हो गई और तनाव बढ़ने लगा।
भारी पुलिस बल तैनात
संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही इस्लामिया मैदान और बिहारीपुर को छावनी में बदल दिया था। हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और श्यामगंज मंडी रोड पर बैरिकेडिंग की गई थी।
लेकिन नमाज के बाद भीड़ जुलूस के रूप में सड़कों पर निकली, नारेबाजी और हंगामा हुआ। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प शुरू हो गई और हालात काबू से बाहर जाते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया।
लाठीचार्ज के बाद हालात पर काबू पा लिया गया है, लेकिन शहर में तनाव बरकरार है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
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